Facial Recognition System के जरिए अब CBSE की मार्कशीट ऐसे हो जाएगी डाउनलोड, छात्रों को होगी सहूलियत

Updated at : 23 Oct 2020 10:20 PM (IST)
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Facial Recognition System के जरिए अब  CBSE की मार्कशीट ऐसे हो जाएगी डाउनलोड, छात्रों को होगी सहूलियत

CBSE ने Facial Recognition System नामक सिस्टम को लांच किया है. इस सिस्टम की मदद से 10वीं और 12वीं के छात्र बिना आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर के सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे. इससे पहले सीबीएसई 12 करोड़ डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर और परनिअम मंजुशा पर अपलोड कर चुका है. इनमें मार्क शीट, प्रमाण पत्र और माइग्रेशन पत्र मुख्य रूप से शामिल हैं। यह चेहरा पहचान प्रणाली ऐसे मौके पर कारगर साबित होगी जब आधार नंबर या मोबाइल नंबर उपलब्ध न हो.

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CBSE ने Facial Recognition System नामक सिस्टम को लांच किया है. इस सिस्टम की मदद से 10वीं और 12वीं के छात्र बिना आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर के सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे. इससे पहले सीबीएसई 12 करोड़ डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर और परनिअम मंजुशा पर अपलोड कर चुका है. इनमें मार्क शीट, प्रमाण पत्र और माइग्रेशन पत्र मुख्य रूप से शामिल हैं। यह चेहरा पहचान प्रणाली ऐसे मौके पर कारगर साबित होगी जब आधार नंबर या मोबाइल नंबर उपलब्ध न हो.

क्या है CBSE Facial Recognition System

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम कुछ इस तरह काम करेगा कि यह डेटाबेस में स्टोर डिजिटल इमेज से छात्र के चेहरे को मैच करेगा. यह कंप्यूटर और सामने खड़े छात्र के फेशियल फीचर्स को मैच करेगा और उसके बाद ही छात्र को एक्सेस की अनुमति होगी.

डिजीलॉकर पर करोड़ों दस्तावेज उपलब्ध

सीबीएसई ने डिजीलॉकर पर 12 करोड़ से ज्यादा शैक्षणिक दस्तावेज मुहैया करवाए हैं. स्टूडेंट्स इस पर से मार्क शीट्स, माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों को हासिल कर सकता है. सीबीएसई का मानना है कि फेस मैचिंग सुविधा उन स्टूडेंट्स के लिए मददगार साबित होगी जो आधार कार्ड नहीं होने या गलत मोबाइल नंबर की वजह से डिजीलॉकर अकाउंट नहीं खोल पा रहे हैं। इसके अलावा यह विदेशी छात्रों को भी मदद करेगी.

CBSE Facial Recognition System कैसे काम करता है?

सीबीएसई की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “यह कंप्यूटर एप्लिकेशन डेटाबेस में पहले से ही संग्रहीत डिजिटल छवि से एक मानवीय चेहरे से मेल खाता है। कंप्यूटर और मानव चेहरे की विशेषताओं को मैप करने के लिए बातचीत करते हैं,” सीबीएसई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है.

इसी तरह से, छात्र की एक लाइव छवि पहले से ही भंडार में संग्रहीत सीबीएसई एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीर के साथ मिलान की जाएगी, और एक बार सफल होने के बाद, प्रमाण पत्र छात्र को ईमेल किया जाएगा.

यह एप्लिकेशन अब ‘परनिअम मंजुशा’ और डिजी लॉकर https://digilocker.gov.in/cbse-certificate.html पर सभी 2020 रिकॉर्ड के लिए उपलब्ध है.

डिजी लॉकर में सीबीएसई के दस्तावेज

सीबीएसई ने डिजी लॉकर में 12 करोड़ डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेजों को पहले ही है, जिसे एक छात्र मार्कशीट, पास और माइग्रेशन सर्टिफिकेट एक्सेस करने के लिए खोल सकता है.

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