Bullet Train: भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलने का इंतजार अब करीब एक साल का रह गया है. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर पहली सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है. जिसकी शुरुआत गुजरात के सूरत-वापी सेक्शन से होना है. आइए जानते हैं 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का काम अभी तक कहां पहुंचा है.
सूरत-वापी सेक्शन में तेजी से चल रहा है काम
इस प्रोजेक्ट की सबसे पहली सेक्शन सूरत-वापी को कंपलीट करना है. जिसमें करीब 97 किलोमीटर सेक्शन का पूरा सिविल वर्क पूरा हो चुका है और अब तक 87 फीसदी ट्रैक बेड बिछाया जा चुका है. यह सेक्शन शुरुआती हाई-स्पीड रेल सेवा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस पर अगस्त 2027 तक हाई स्पीड ट्रेन सर्विस शुरू करने का लक्ष्य है.
अपने लक्ष्य के एक साल पहले तक सूरत में बन रहे बुलेट ट्रेन स्टेशन का स्ट्रक्चर और रूफिंग का काम पूरा हो चुका है. अब इंटीरियर फिनिशिंग का काम चल रहा है. स्टेशन की डिजाइन सूरत की पहचान यानी डायमंड कटिंग इंडस्ट्री से प्रेरित है और 16 अगस्त 2026 तक बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा जमीन पर आकार ले चुका है. स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले साल यहां बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी.
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पूरे कॉरिडोर पर कितना काम हुआ?
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है. इसमें 12 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली क्षेत्र से होकर गुजरेगा.
जुलाई 2026 के सरकारी अपडेट के मुताबिक पूरे कॉरिडोर में अब तक 452 किलोमीटर पियर, 356 किलोमीटर गर्डर, 209 किलोमीटर ट्रैक बेड और 190 किलोमीटर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) मास्ट का काम पूरा हो चुका था.
इसका लगभग 465 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा. वहीं, मुंबई के ठाणे क्रीक क्षेत्र में करीब 21 किलोमीटर लंबी टनल भी बनाई जा रही है, जिसमें करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. यह भारत की पहली अंडरसी रेल टनल होगी. इसमें घनसोली और शिलफाटा के बीच करीब 4.8 किलोमीटर टनल का काम पूरा हो चुका है.
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320 किमी प्रति घंटे की होगी रफ्तार
यह देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है और इसमें जापान की शिंकान्सेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. ट्रेन की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
