बिजली संकट: अमित शाह के घर पर मंत्रियों की हाई-लेवल बैठक, प्रह्लाद जोशी और अश्विनी वैष्णव भी हुए शामिल

Updated at : 02 May 2022 1:03 PM (IST)
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बिजली संकट: अमित शाह के घर पर मंत्रियों की हाई-लेवल बैठक, प्रह्लाद जोशी और अश्विनी वैष्णव भी हुए शामिल

देश के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की भारी कमी की वजह से पैदा हुए बिजली संकट के समाधान के लिए सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह के घर पर मंत्रियों की आपात बैठक की जा रही है.

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नई दिल्ली : देश के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की भारी कमी की वजह से पैदा हुए बिजली संकट के समाधान के लिए सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह के घर पर मंत्रियों की आपात बैठक की जा रही है. इस बैठक में अमित शाह के अलावा ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के अलावा मंत्रालयों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं.

बता दें कि देश के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की भारी कमी की वजह से बिजली संकट गहराने के बीच व्यस्त समय में आपूर्ति में जोरदार तरीके से कटौती की जा रही है. एक सप्ताह पहले 25 अप्रैल को बिजली आपूर्ति में कमी जहां 5.24 गीगावॉट थी, वही गुरुवार को यह बढ़कर 10.77 गीगावॉट हो गई.

29 अप्रैल को ऑलटाइम हाई पर पहुंची बिजली की मांग

राष्ट्रीय ग्रिड परिचालक, पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (पीओएसओसीओ) के ताजा आंकड़ों से पता चला है कि रविवार को व्यस्त समय में बिजली की कमी सिर्फ 2.64 गीगावॉट थी, जो सोमवार को 5.24 गीगावॉट, मंगलवार को 8.22 गीगावॉट, बुधवार को 10.29 गीगावॉट और गुरुवार को 10.77 गीगावॉट हो गई. आंकड़ों से यह भी पता चला है कि 29 अप्रैल, 2022 को अधिकतम पूरी की गई बिजली की मांग 207.11 गीगावॉट के ऑल टाइम हाई को छू गई. इसके चलते शुक्रवार को बिजली की कमी घटकर 8.12 गीगावॉट रह गई.

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में बिजली की रिकॉर्ड सप्लाई

बताया यह भी जा रहा है कि देशभर में तेज गर्मी के बीच इस सप्ताह में बिजली की आपूर्ति तीन बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची. व्यस्त समय में अधिकतम पूरी गई बिजली की मांग मंगलवार को रिकॉर्ड 201.65 गीगावॉट पर पहुंच गई. यह सात जुलाई, 2021 को 200.53 गीगावॉट थी. गुरुवार को बिजली की अधिकतम मांग 204.65 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर थी और शुक्रवार को यह 207.11 गीगावॉट के ऑलटाइम हाई को छू गई. बुधवार को यह 200.65 गीगावॉट थी.

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मांग में तेजी आने से गहराया बिजली संकट

विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली की मांग में तेजी आने की वजह से देश में बिजली संकट गहराया है. उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों के नेतृत्व में सभी हितधारकों को थर्मल पावर प्लांटों में कम कोयले के भंडार, परियोजनाओं पर रैक को तेजी से खाली करने और इनकी उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा. विशेषज्ञों ने कहा कि अभी गर्मी की शुरुआत में जब यह हाल है, तो मई और जून की स्थिति का अंदाजा ही लगाया जा सकता है. बिजली मंत्रालय ने कहा था कि मई-जून 2022 में बिजली की मांग लगभग 215-220 गीगावॉट तक पहुंच सकती है.

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