बंदरों को नहीं पकड़ सकते, दिल्ली सरकार को यह करने दें : एसडीएमसी

Updated at : 08 Feb 2017 7:44 PM (IST)
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बंदरों को नहीं पकड़ सकते, दिल्ली सरकार को यह करने दें : एसडीएमसी

नयी दिल्ली : एसडीएमसी ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि बंदर पकड़ने वालों की कमी के कारण वह बंदरों को नहीं पकड़ सकती और दिल्ली सरकार का वन्यजीव विभाग इस काम के लिए उपयुक्त निकाय है. दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता धींगरा सहगल की पीठ के […]

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नयी दिल्ली : एसडीएमसी ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि बंदर पकड़ने वालों की कमी के कारण वह बंदरों को नहीं पकड़ सकती और दिल्ली सरकार का वन्यजीव विभाग इस काम के लिए उपयुक्त निकाय है.

दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता धींगरा सहगल की पीठ के समक्ष दायर अपनी याचिका में यह निवेदन करते हुए निगम को बंदरों को पकड़ने और उन्हें अभयारण्य में छोड़ने के लिए उच्च न्यायालय के 14 मार्च 2007 के निर्देश में संशोधन की मांग की है. निगम ने वकील राजन त्यागी के जरिए दाखिल अपनी याचिका में 2007 के आदेश में संशोधन के लिए आग्रह करते हुए दिल्ली सरकार के वन्यजीव विभाग को बंदरों को पकड़ने और उन्हें दूसरी जगह छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है.

इसमें दावा किया गया है कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दिल्ली सरकार का वन्यजीव विभाग उच्च न्यायालय के आदेश में दिए गए निर्देश को पूरा करने वाला उपयुक्त निकाय है. निगम ने कहा है कि बंदरों को पकड़ने और उसे दूसरी जगह छोड़ने का उसके पास कोई अधिकार नहीं. एसडीएमसी ने कहा कि बंदर पकड़ने वालों की भर्ती के लिए उसने कई मर्तबा विज्ञापन दिए और रकम भी बढ़ाकर 1200 रुपये कर दी गयी लेकिन एक भी आवेदन नहीं आया.
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