आंध्र पाइपलाइन हादसा:20 की मौत,दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

नयी दिल्ली: सरकारी गैस कंपनी गेल ने अपने आंध्र प्रदेश कार्यालय के अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया. भूमिगत गैस पाइपलाइन में संभवत: रिसाव की वजह से गत दिनों लगी आग में 20 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे. आग संभवत: तब लगी थी जब एक चाय […]
नयी दिल्ली: सरकारी गैस कंपनी गेल ने अपने आंध्र प्रदेश कार्यालय के अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया. भूमिगत गैस पाइपलाइन में संभवत: रिसाव की वजह से गत दिनों लगी आग में 20 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
आग संभवत: तब लगी थी जब एक चाय विक्रेता ने पाइपलाइन के पास स्टोव जलाया. उससे चार मीटर की दूरी पर जमीन के नीचे पाइपलाइन से रिसाव हो रहा था. गेल ने यहां एक वक्तव्य में कहा, सरकार के साथ-साथ कंपनी द्वारा शुरु की गई जांच का नतीजा आने तक पाइपलाइन नेटवर्क के क्षेत्रीय परिचालन एवं रख-रखाव के दो वरिष्ठ प्रभारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है.
गेल ने प्रभावित परिवारों और नगरम के ग्रामीणों के लिए कई राहत उपाय लागू करना शुरु कर दिया है. वह प्रत्येक मृत व्यक्ति के परिजन को 20 लाख रुपये का भुगतान कर रही है. इसके अतिरिक्त केंद्र और राज्य सरकारों ने पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.
गेल ने जिला प्रशासन को मृत लोगों के परिजन को 20-20 लाख रुपये की दर से तथा 19 घायलों को 50-50 हजार रुपये की दर से मुआवजा देने के लिए 3.89 करोड़ रुपये दिए हैं. मुआवजे का वितरण आज से शुरु किया जाएगा.
कंपनी के अध्यक्ष बी सी त्रिपाठी ने कहा, गेल आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में टाटीपाका में कंपनी के प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जीवन और संपत्ति को दुखद नुकसान पर गहरा शोक प्रकट करती है. अमित राय को स्थानीय अधिकारियों, सरकार और ग्रामीणों के साथ राहत एवं पुनर्वास का समन्वय करने के लिए नोडल अधिकारी मनोनीत किया गया है.
घटनास्थल का दौरा करने के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किए गए राहत उपायों की घोषणा के अतिरिक्त गेल सभी घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी और स्थायी तौर पर अशक्त हुए प्रत्येक व्यक्ति के लिए पांच लाख रुपये की सावधि जमा कर दी है ताकि वे मासिक आय योजना के जरिए लाभ हासिल कर सकें.
गेल ने कहा, प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए एक विस्तृत कार्रवाई योजना तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा कि भोजन और अस्थायी आश्रय की प्रभावित स्थल के निकट पहले ही व्यवस्था की गई है. जिले के अधिकारियों के साथ सलाह-मशविरा करके फसलों के साथ-साथ संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि उसके लिए मुआवजा दिया जा सके.
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