स्लिम फिगर के लिए डेली डाइट में शामिल करें अंकुरित अनाज, पोषण मिलने के साथ बढ़ेगी इम्यूनिटी
Published by : Meenakshi Rai Updated At : 05 Jan 2024 9:16 AM
Benefits of Sprouts : हम सब आजकल वक्त बचाने के चक्कर में फास्ट लाइफ में फास्टफूड की ओर जल्दी हाथ बढ़ाते हैं लेकिन इसका खामियाजा भी स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ता है. ऐसे में अंकुरित अनाज आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते है

अंकुरित अनाजों में विटामिन सी, ई और बी कॉम्पलेक्स
अंकुरित अनाज जिसमें मूंग, चना, सोयाबीन के बीज शामिल होते हैे ये बहुत ही अच्छे पौष्टिक और रोग प्रतिरोधक आहार होते हैं. ऐसे आहार स्वास्थ्य के लिए किसी दवा से कम नहीं हैं. खाने में स्वादिष्ट अंकुरित अनाज बहुत ही पौष्टिक और प्राकृतिक आहार हैं. इसके सेवन से शरीर को कम कैलोरी मिलती है और ये शरीर के वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं,अंकुरित अनाजों में विटामिन सी, ई और बी कॉम्पलेक्स पाए जाते हैं. अंकुरित अनाजों को अंकुरण की प्रक्रिया में सूर्य का प्रकाश मिलने पर उनमें विटामिन के भी पैदा हो सकता है अंकुरित अनाजों में मैग्नेशियम, आइरन, फाइबर, सक्रिय इन्जाइम और सुपाच्य प्रोटीन पाये जाते हैं. अंकुरित अनाजों में एन्टी-आक्सीडेंट्स के गुण, इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं
अंकुरण की प्रक्रिया
जब अंकुरण की प्रक्रिया शुरू होती है तो बीज के अन्दर इन्जाइम बनने की प्रक्रिया भी साथ-साथ शुरू हो जाती है इंजाइम प्रोटीन को एमिनो अम्ल में, संयुक्त कार्बाेहाइड्रेट को साधारण कार्बाेहाइड्रेट में और वसा को एलिमेंटल रूप में परिवर्तित करने में मदद करता है.इस प्रक्रिया के साथ ही विटामिन और अन्य पौष्टिक तत्व बनने लगते हैं.
11-12 घंटे तक बीज पानी में भीगने दें
मूँगफली, मूँग, सोयाबीन, चना, मटर, गेंहू को लगभग 11-12 घंटे तक पानी में भीगने दें. पानी की मात्रा, बीज से दुगुनी होनी चाहिए.टूटे हुए और खराब बीजों को चुनकर बाहर फेंक देना चाहिए. बीजों को साफ पानी से दो-तीन बार धोना चाहिए. धोने के बाद एक साफ गीले कपड़े में बीजों को बाँधकर घर में कहीं लटका दें. अगर कपड़ा सूखने लगे तो बीच-बीच में उस पर पानी छिड़कना चाहिए. दो से 3 दिनों में ये बीज अंकुरित हो जाते हैं.
अंकुरित बीजों खाना क्यों लाभकारी
भींगाकर फुले हुए बीजों के बदले अंकुरित बीजों खाना क्यों लाभकारी है. ऐसा सवाल हम सबके मन में आता है तो पहले यह जानना जरूरी है कि मिट्टी में बीज को बोने पर जब तक जड़ का निर्माण नहीं होता है तब तक बीज के अन्दर वर्तमान पोषक तत्वों से ही उनके पोषण का कार्य पूरा होता है. इसलिए अंकुरित बीज में वर्तमान सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं. हालांकि गैस से पीड़ित व्यक्ति को मोटे अनाजों के बदले मूँग के अंकुरित अनाज का सेवन करना चाहिए
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