1. home Hindi News
  2. health
  3. coronavirus vaccine good news covid 19 vaccine updates covid 19 vaccine tracker all latest updates

Coronavirus Vaccine : कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए आई अच्छी खबर, स्टडी से हुआ बड़ा खुलासा

By Agency
Updated Date
Coronavirus Vaccine : कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए आई अच्छी खबर, स्टडी से हुआ बड़ा खुलासा
Coronavirus Vaccine : कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए आई अच्छी खबर, स्टडी से हुआ बड़ा खुलासा
twitter

कोरोना वायरस के स्ट्रेन में बहुत कम परिवर्तनशीलता देखने को मिली है जो कोविड-19 के वैक्सीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए अच्छी खबर हो सकती है. एक नये अध्ययन के अनुसार इस बीमारी को फैलाने वाले सार्स-सीओवी-2 वायरस के कम से कम छह प्रकार (स्ट्रेन) होने के बाद भी यह बहुत कम परिवर्तनशीलता प्रदर्शित करता है.

पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायलॉजी' में प्रकाशित और सार्स-सीओवी-2 पर अब तक के सबसे गहन अध्ययन में कोरोना वायरस के 48,635 जीनोम का विश्लेषण किया गया है. इन जीनोम को दुनियाभर में अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशालाओं से प्राप्त किया. इटली के बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने वायरस के सभी महाद्वीपों में फैलने के दौरान इसके फैलाव और उत्परिवर्तन की मैपिंग की.

अध्ययन के निष्कर्ष में सामने आया कि नोवेल कोरोना वायरस बहुत कम परिवर्तनशीलता (वैरिएबिलबटी), प्रति नमूने करीब सात उत्परिवर्तन प्रदर्शित करता है. अनुसंधानकर्ताओं के अनुसा रसामान्य इन्फ्लुएंजा में परिवर्तनशीलता की दर दुगुने से अधिक होती है.

बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ता फेडेरिको गियोर्जी ने कहा, सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस संभवत: पहले ही मानव जाति को प्रभावित करने के स्तर पर पहुंच चुका है और यह उसके विकास क्रम में बहुत कम बदलाव को इंगित करता है. उन्होंने कहा, इसका आशय हुआ कि हम इसके खिलाफ कोई वैक्सीन समेत अन्य जो भी उपचार तरीके विकसित कर रहे हैं, वे सभी तरह के वायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं.

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस समय नोवेल कोरोना वायरस के छह प्रकार सामने आये हैं. उन्होंने कहा कि इनमें सबसे मौलिक ‘एल' स्ट्रेन है जो दिसंबर 2019 में वुहान में सामने आया था. इसके पहले उत्परिवर्तन के बाद ‘एस' स्ट्रेन सामने आया जिसका पता 2020 की शुरुआत में चला, वहीं जनवरी के मध्य में ‘वी' और ‘जी' स्ट्रेन सामने आये.

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार आज की तारीख में सबसे ज्यादा प्रकोप स्ट्रेन ‘जी' का है जो फरवरी के अंत तक ‘जीआर' तथा ‘जीएस' स्ट्रेन में उत्परिवर्तित हुआ.

डब्ल्यूएचओ की डरावनी चेतावनी : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक डरावनी चेतावनी जारी की है. स्वास्थ्य संबंधी दुनिया के सबसे बड़े संगठन का कहना है कि वैक्सीन बनने के दृढ़ विश्वास के बीच संभव है कि कोरोना महामारी का प्रभावी समाधान कभी नहीं निकल पाए. साथ ही डब्ल्यूएचओ की ओर से कहा गया कि हो सकता है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में लंबा वक्त लगे.

Posted By : Amitabh Kumar

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें