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Balanced Diet:स्वस्थ रहने के लिए बैलेंस्ड डाइट जरूरी, जानें क्या हो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन की मात्रा

स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इन पोषक तत्वों का हमारे शरीर में सही संतुलन ही हमारे अच्छे स्वास्थ्य की पहचान है.

By Prabhat khabar Digital
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Balanced Diet
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Balanced Diet: स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इन पोषक तत्वों का हमारे शरीर में सही संतुलन ही हमारे अच्छे स्वास्थ्य की पहचान है. ये पोषक तत्व हमें विभिन्न खाद्य पदार्थों से मिलते हैं. ऐसे में संतुलित आहार नहीं लेने से न केवल शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है, बल्कि व्यक्ति की उत्पादकता भी काफी कम हो जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ आदमी को पूरे दिन में 2000 से 2200 कैलोरिज की आवश्यकता होती है. इनकी पूर्ति हमारे दैनिक आहार से होती है. जानें कितनी मात्रा में किस पोषक तत्व की होती है जरूरत.

मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट) कार्बोहाइड्रेट्स

मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट) कार्बोहाइड्रेट्स

(कुल कैलोरी का 50-65%)

(जरूरत : 250 से 350 ग्राम प्रतिदिन)

. यह हमारे शरीर के लिए फ्यूल का काम करता है और ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं.

. शुगर (सिंपल कार्ब्स) : चीनी कार्बोहाइड्रेट का सबसे सरल रूप है. चीनी प्राकृतिक रूप से दूध, दूग्ध उत्पाद व कई अन्य पदार्थों में होती है. चीनी क्विक एनर्जी का स्रोत होते हैं, लेकिन चीनी की ज्यादा मात्रा शरीर के लिए नुकसानदेह भी हो सकती है.

. स्टार्च (कॉम्पलेक्स कार्ब्स) : स्टार्च शुगर का ही हिस्सा है, जो धीरे-धीरे शुगर के रूप में टूटता है. इनमें चावल, गेहूं, अन्य साबुत अनाज, ब्राउन राइस, दाल, फलियां आदि शामिल हैं. इनमें एंटी ऑक्सिडेंट भी होते हैं. यह कई बीमारियों को रोकने में सहायक है.

. पॉलिश्ड चावल, मैदा, सोडा, स्नैक्स, कूकीज में अनहेल्दी कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो नुकसानदेह हैं.

. केला, सेब, बेरी, गाजर, टमाटर, मटर, बींस जैसी फल सब्जियों में हेल्दी कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है.

. अगर कार्ब्स का संतुलित मात्रा में सेवन न किया जाये तो हमें काफी सारी बीमारियां जैसे हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज या फिर मोटापा का सामना करना पड़ सकता है.

प्रोटीन

(कुल कैलोरी का 10-12%)

(जरूरत : 49 से 60 ग्राम प्रतिदिन)

. शरीर की सभी संरचनाओं का प्रमुख हिस्सा है व शारीरिक वृद्धि, विकास, क्षतिग्रस्त टिश्यू के रखरखाव व मरम्मत में प्रोटीन मदद करते हैं.

. मांसपेशियों से लेकर हमारी नर्व सेल भी प्रोटीन पर निर्भर हैं. प्रोटीन न मिले तो गठिया, हार्ट डि‍जीज, गंजापन जैसी तमाम बीमारियां हो जाएं. हमें मीट, अंडों, सी-फूड, दूध, दही, दालों, सूखे मेवों से प्रोटीन मिलता है.

. शाकाहारी ध्यान रखें कि उनके आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन हो. इसके लिए दाल, दूध, पनीर, बीन्स, सोयाबीन, राजमा को आहार में शामिल करें.

. गर्भावस्था के दौरान व छोटे बच्चों को प्रोटीन की ज्यादा आवश्यकता होती है. ऐसे में उनके खाने में प्रोटीन का विशेष ध्यान रखें.

फैट (वसा)

(कुल कैलोरी का 20-25%)

. वसा को अक्सर बुरा माना जाता है, लेकिन स्वस्थ वसा, आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह विभिन्न फैट सॉल्यूबल विटामिन जैसे- ए, डी, इ, के आदि के अवशोषण में मदद करते हैं.

. शरीर में जमा फैट भूखे रहने के दौरान ऊर्जा के स्रोत के रूप में उपयोगी होता है, लेकिन फैट की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

. ओमेगा-3 व ओमेगा-6 फैटी एसिड अनसैचुरेटेड फैट है. इसे नट्स, बीज, मछली और वनस्पति तेलों से ले सकते हैं.

विटामिन्स

. विटामिन जैविक पदार्थ होते हैं, जो एंजाइमों को सक्रिय करते हैं. एंजाइम उत्प्रेरक के रूप में शरीर में होने वाली जैविक प्रतिक्रियाओं की गतिशीलता बढ़ाने में सहायक होते हैं. ये विभिन्न बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हुए इम्युनिटी को मजबूत करते हैं.

. कुल 13 विटामिन ऐसे हैं, जिनकी आवश्यकता हमारे शरीर को ठीक तरह से काम करने के लिए होती है. हरे व पीले रंग की फल-सब्जियां, मांस, मछली और धूप अलग-अलग विटामिन के अच्छे स्रोत हैं.

मिनरल्स

. मिनरल अजैविक पदार्थ होते हैं, जो चट्टानों व अयस्कों में उपलब्ध होते हैं. ये शरीर में मेटाबोलिज्म का नियमन और बीमारियों से सुरक्षा करते हैं.

. मिनरल तत्वों से समृद्ध मिट्टी में उगे पौधों, फलों, सब्जियों आदि को खाने से या इन पौधों को खाने वाले जानवरों से प्राप्त खाद्य पदार्थों से मिनरल प्राप्त होते हैं.

. कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेोस्स, आदि मिनरल हड्डियों के प्रमुख घटक हैं.

. कैल्शियम आप दूध, पनीर, पत्तेदार सब्जियों और मछली आदि से प्राप्त कर सकते हैं.

पानी

(2 से 2.5 लीटर प्रतिदिन)

. वैसे तो यह सीधे तौर पर पोषक तत्व नहीं है, लेकिन शरीर में पोषक तत्वों के परिवहन के लिए व स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन जरूरी है, क्योंकि मानव शरीर का 60 प्रतिशत भाग पानी से ही बना है.

. पानी शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को हटाने तथा तापमान विनियमन के लिए यह महत्वपूर्ण है और यह हर कोशिका के लिए एक आवश्यक तत्व है.

. हाइड्रेटेड रहने के लिए, पूरे दिन पानी पीएं. इसके अलावा आप उन फल और सब्जियों का सेवन कीजिए, जिसमें पानी अधिक मात्रा में हो.

फाइबर (25 से 30 ग्राम प्रतिदिन)

. यह कब्ज दूर करता है और रक्त में शर्करा व कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

. फाइबर भी एक प्रकार के कार्बोहाइड्रेट ही होते हैं. लेकिन, जब आप फाइबर का सेवन करते हैं, तो आपको ज्यादा समय तक भूख नहीं लगती. फाइबर जीरो कैलोरी आहार भी कहलाते हैं.

. फाइबर चोकर वाले आटे, हरी पत्तेदार सब्जियों, सेब, पपीता, खीरा, टमाटर, प्याज, छिलके वाली दालों, सलाद, ईसबगोल की भूसी, दलिया, स्प्राउट्स आदि में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है.

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