Kyunki Saas Bhi kabhi Bahu Thi 2: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के एपिसोड की शुरुआत दामिनी और गौतम की बातचीत से होती है. गौतम कहता है कि अब उसे परिवार में अपनी जगह मजबूत करनी है. इसके बाद नाश्ते के दौरान नंदिनी और पार्थ सभी को बताते हैं कि पार्थ और वैष्णवी की सगाई होने वाली है. तुलसी इस खबर से खुश हो जाती है और दोनों को बधाई देती है, हालांकि दामिनी और गौतम इस बात पर सवाल उठाते हैं कि इतना बड़ा फैसला पूरे परिवार से पहले क्यों नहीं बताया गया. तुलसी उनकी बात सुनती है और कहती है कि अगर दोनों बच्चे तैयार हैं तो सगाई वीरानी हाउस में ही होना चाहिए.
तुलसी शगुन लेकर पहुंचीं वैष्णवी के घर
नंदिनी, तुलसी को अपने साथ शगुन लेकर वैष्णवी के घर चलने के लिए कहती है. दोनों साथ में वहां पहुंचते हैं. तुलसी वैष्णवी के सामने पार्थ की सिर्फ तारीफ नहीं करती, बल्कि उसकी कमियों के बारे में भी खुलकर बात करती है. वह वैष्णवी को समझाती है कि शादी जिंदगी का बड़ा फैसला है और उसे सोच-समझकर जवाब देना चाहिए. कुछ देर की खामोशी के बाद वैष्णवी कहती है कि उसे पार्थ पसंद है और वह इस रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती है. यह सुनकर नंदिनी और तुलसी दोनों खुश हो जाती हैं. इसके बाद वीरानी हाउस में सगाई की तैयारियां शुरू हो जाती हैं.
संपत्ति को लेकर बढ़ा विवाद
घर में जश्न का माहौल होता है, लेकिन तभी करण एक जरूरी मुद्दा उठाता है. वह परिवार से पूछता है कि आर्थिक मदद लेने से आखिर तुलसी ने इनकार क्यों किया था. इसी बात पर नई बहस शुरू हो जाती है. करण और गोमजी के बीच तीखी नोकझोंक हो जाती है. करण कहता है कि उसने कभी भी परिवार की संपत्ति में हिस्सा नहीं मांगा. जब बहस बढ़ने लगती है तो तुलसी बीच में आती है और सबको शांत कराती है. अंत में तुलसी साफ शब्दों में कहती है कि जब तक वह जिंदा है, तब तक वीरानी हाउस का बंटवारा नहीं होगा.
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