सलमान के मामले को कानून के चश्मे से देखें, भावना से नहीं : पिंकी आनंद

पणजी : भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा है कि सलमान के मामले को भावनात्मक तरीके से नहीं बल्कि कानून के हिसाब से देखने की जरुरत है. सलमान खान को हिट एंड रन केस में पांच साल की सुनाई गई है. वहीं उन्‍हें मुबंई होईकोर्ट ने उन्‍हें जमानत भी दे दी है. […]

पणजी : भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा है कि सलमान के मामले को भावनात्मक तरीके से नहीं बल्कि कानून के हिसाब से देखने की जरुरत है. सलमान खान को हिट एंड रन केस में पांच साल की सुनाई गई है. वहीं उन्‍हें मुबंई होईकोर्ट ने उन्‍हें जमानत भी दे दी है.

‘वुमेन इकनॉमिक फोरम’ के एक सत्र के दौरान भाग लेते हुये आनंद ने कहा, ‘ हालांकि, सलमान एक अभिनेता हैं लेकिन अपने कृत्य के लिए वह भावना नहीं बल्कि कानून के हिसाब से देखे जाने के हकदार हैं.’

पिंकी आनंद 2002 के हिट एंड रन मामले में मुंबई की एक अदालत द्वारा सलमान को सजा सुनाये जाने और बाद में बंबई उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत दिये जाने पर कई प्रतिक्रियाओं का हवाला दे रही थी.

आनंद ने कहा, ‘ न्यायपालिका अपराधिक कृत्य करने वाले सभी लोगों को फांसी नहीं दे सकती. जिस कृत्य में सलमान शामिल रहे हैं ऐसे में उन्हें पांच साल की सजा देना गलत नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘ जब सलमान को सजा सुनायी गयी तो कई लोगों ने देरी होने पर और केवल पांच साल की सजा देने पर सवाल उठाए.’ आनंद ने कहा,’ न्याय का मतलब यह नहीं है कि हर अपराध के लिए हम लोग व्यक्ति को फांसी दे दें. न्याय का मतलब दोषी व्यक्ति को किये गये अपराध के हिसाब से सजा देना होता है.’

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