UGC के नए नियम पर मचा बवाल, जानिए क्यों ट्रेंड कर रहा है #StopDiscrimination

UGC के नए नियम पर मचा बवाल, जानिए क्यों ट्रेंड कर रहा है #StopDiscrimination

UGC New Guidelines 2026: यूजीसी का नया बदलाव कई दिनों से ट्रेंडिंग टॉपिक बना हुआ है. कई लोग इसके खिलाफ हैं. स्टूडेंट्स से लेकर नेता तक इसे लेकर X पर फीडबैक दे रहे हैं. आइए, जानते हैं सोशल मीडिया पर क्या कुछ चल रहा है.

UGC New Guidelines 2026: 15 जनवरी 2026 देश के हर कॉलेज/ यूनिवर्सिटी में UGC का नया नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions 2026 लागू हो चुका है. यूजीसी के नए बदलाव को लेकर इस वक्त सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी हुई है. हर एक से दो घंटे के गैप में X पर एक नया ट्वीट देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर ये टॉपिक दो पार्ट में बंटा हुआ है. कुछ इसके सपोर्ट में हैं तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं. कई लोग इसे असंतुलित और एकतरफा बता रहे हैं.

UGC New Guidelines Dispute: मुख्य विवाद के पीछे का कारण?

इसे दो प्वॉइंट्स में समझते हैं-

Equity Squad को लेकर डर

स्टूडेंट्स और टीचर्स को डर है कि Equity Squads से कैंपस में निगरानी वाला माहौल बन सकता है. इससे हर बात पर शिकायत और जांच का खतरा रहेगा.

False Cases (झूठे मामलों) का डर

लोगों को चिंता है किसी पर भी झूठा ड्रिस्क्रिमेनेशन का आरोप लग सकता है, जिससे करियर और इमेज को भारी नुकसान हो सकता है.

No to UGC Discrimination: यूजीसी को लेकर X पर क्या चल रहा है?

यूजीसी का नया नियम फिलहाल X का हॉट टॉपिक बना हुआ है. हॉट इसलिए क्योंकि इसमें कई तरह की बातें निकल कर आ रही हैं. यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ Email मुहिम चलाया जा रहा है. नेता से लेकर स्टूडेंट्स तक, कोई इसके सपोर्ट में है तो कोई खिलाफ में. एक नजर डालते हैं कि क्या कुछ चल रहा है.

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि मेरे बच्चे का भविष्य किसी भी कीमत पर गिरवी नहीं होना चाहिए. यूजीसी नियम वापस लो. No To UGC Discrimination.

UGC को लेकर X पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट (क्रेडिट- X)

एक अन्य लिखा कि अगर आपका जन्म सवर्ण जाति में हुआ है तो आपको UGC नियमों का विरोध करना ही चाहिए.

Nishikant Dubey On X: भाजपा सांसद ने कहा इस सरकार में भेदभाव नहीं होगा

यूजीसी मामले को लेकर न सिर्फ स्टूडेंट्स सोशल वर्कर बल्कि पॉलिटिशियन्स भी लगातार X पर अपनी बात रख रहे हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने लिखा, “नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर सवर्ण समाज को सर्वोच्च न्यायालय से मान्यता दिलाकर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया, यही सत्य है, उनके रहते सवर्ण जाति के बच्चों को कोई भी नुकसान नहीं होगा. बाबा साहब आंबेडकर के बनाए संविधान के आर्टिकल 14 का अनुपालन संविधान की मूल भावना है.”

साफ शब्दों में कहें तो भाजपा सांसद का कहना है कि जनरल कैटेगरी से आने वाले कैंडिडेट्स के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लगातार सोशल मीडिया पर जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव के आरोप लग रहे हैं. #StopDiscrimination जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें- Equality या एकतरफा? क्यों उठ रहे हैं UGC New Guidelines पर सवाल, जानिए 

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लेखक के बारे में

By Shambhavi shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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