Equality या एकतरफा? क्यों उठ रहे हैं UGC New Guidelines पर सवाल, जानिए

UGC New Guidelines: क्या है इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन एक्ट 2026? सोशल मीडिया पर क्यों बहस छिड़ गई है? यूजीसी का ये नया नियम हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी पर लागू होगा.

UGC New Guidelines: भारत के हायर एजुकेशन में बड़ा बदलाव हुआ है. ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या किसी भी लेवल की उच्च शिक्षा हासिल करने वाले हैं तो ये टॉपिक सीधे आपसे जुड़ा है. UGC ने प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन एक्ट 2026 (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) को 15 जनवरी 2026 से देशभर में लागू कर दिया है. इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर बवाल मच रहा है. क्या है ये मामला और क्यों विवाद के घेरे में है आइए समझते हैं.

क्या है इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन एक्ट?

आसान शब्दों में कहें तो Equity Promotion Regulations 2026 का मोटिव है कास्ट, जेंडर या किसी और तरह के फैक्टर पर होने वाले भेदभाव को खत्म करना. SC, ST और OBC के राइट्स की सुरक्षा करना. उन्हें इंस्टीट्यूट्स में बराबर का हक दिलाना. UGC के इस नियम के बाद सभी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट पर ये एक्ट लागू होगा. Equity Promotion Regulations 2026 पुराने नियम (2012) को रिप्लेस करेगा.

UGC New Guidelines: क्यों छिड़ी बहस?

किसी विशेष कैटेगरी को इस नियम में खास इंपोर्टेंस देने के कारण इस नियम पर बहस छिड़ गई है. कई लोग यूजीसी के इस नियम पर नेगेटिव फीडबैक दे रहे हैं. _devone1 नाम से एक X यूजर ने कहा कि UGC के गाइडेंस में देश की एक भी यूनिवर्सिटी वैश्विक रैंकिंग में Top-100 पर भी नहीं आती और इसका कारण पता है? यह मूर्खों का संगम है, जिनका मुख्य उद्देश्य केवल जातिवादी कार्ड फेंक कर जनरल कैटेगरी का शोषण करना है.

OBC को जोड़े जाने पर मचा बवाल

यूजीसी के इस ड्राफ्ट में एक प्वॉइंट है, जिस पर सबसे ज्यादा हंगामा हो रहा है. इसमें OBC को भी कास्ट ड्रिस्क्रिमिनेशन वाली परिभाषा में शामिल कर लिया गया है. ऐसे में जनरल कैटेगरी वाले स्टूडेंट्स इसे असंतुलित और एकतरफा गाइडलाइंस बता रहे हैं.

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By Shambhavi shivani

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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