IAS बनने के बाद पहली पोस्टिंग किस पद पर होती है? यहां समझें पूरा गणित

IAS Posting: ट्रेनिंग के बाद IAS की जब पोस्टिंग होती है तो उसमें कई स्टेप्स होते हैं. पहले स्टेप पर SDM का पद मिलता है. फिर धीरे-धीरे प्रमोशन होता है.

IAS Posting: हाल ही में यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है. रिजल्ट जारी होने के बाद टॉपर्स का सम्मान देखकर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि जितनी प्रतिष्ठा भारत में सिविल सेवा की है, उतना किसी और सेवा में नहीं है. खासकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का काफी महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार इस सेवा में चयन होने के बाद, कैंडिडेट्स को कौन सा पद मिलता है. ऐसे में आइए रिजल्ट आने से लेकर, ट्रेनिंग और फिर ड्यूटी तक, क्या-क्या होता है.

रिजल्ट आने के बाद क्या होता है?

रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले सभी कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. यह ट्रेनिंग उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकैडमी (LBSNAA) में होती है.

ट्रेनिंग में क्या होता है?

यूपीएससी सीएसई परीक्षा के जरिए चुने गए कैंडिडेट्स को कानून, प्रशासन और गर्वनमेंट पॉलिसी से जुड़े काम की जानकारी दी जाती है. ट्रेनिंग के बाद सभी कैंडिडेट्स को फील्ड पर पोस्टिंग मिलती है.

पहली पोस्टिंग में क्या जिम्मेदारी मिलती है?

  • सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM)
  • असिस्टेंट कलेक्टर
  • ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट

इस पद पर अधिकारी को जिले के एक हिस्से की जिम्मेदारी दी जाती है. इस दौरान IAS अधिकारी ग्राउंड की नॉलेज हासिल करते हैं और प्रशासनिक कामों को समझते हैं. इस दौरान IAS अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें, सरकारी योजनाओं को लागू करें और लोगों की समस्या सुनें.

पहली पोस्टिंग के बाद कितने साल पर होता है प्रमोशन

प्रमोशन की बात करें तो पहली पोस्टिंग के 3-5 साल बाद IAS को प्रमोशन मिलता है. इसके बाद उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) या किसी शहर में म्यूनिसिपल कमिश्नर जैसे पदों पर भेजा जा सकता है. जैसे-जैसे पद बढ़ते हैं, वैसे-वैसे जिम्मेदारियां बढ़ती है .

जिला मजिस्ट्रेट कब बनते हैं?

जिला मजिस्ट्रेट (DM) का पद पाने के लिए हर IAS को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. लगभग 9 से 12 साल की ड्यूटी के बाद कई IAS अधिकारियों को जिला मजिस्ट्रेट (DM) या डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बनाया जाता है. यह पद काफी अहम माना जाता है. एक जिले के भीतर चल रही हर तरह की घटना पर DM की नजर रहती है. कानून व्यवस्था, विकास कार्य, चुनाव, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं को लागू कराने जैसी बड़ी जिम्मेदारी डीएम के हिस्से होती है.

सरकार में बड़ी जिम्मेदारी

करीब 16 से 24 साल की सेवा के बाद IAS अधिकारी राज्य सरकार में सेक्रेटरी या कमिश्नर जैसे वरिष्ठ पदों तक पहुंच सकते हैं. कुछ अधिकारियों को केंद्र सरकार में काम करने का मौका मिलता है. पॉलिसि मेकिंग में ऐसे लोगों की बड़ी भूमिका होती है.

सबसे ऊंचे पद कौन सा होता है?

जब किसी IAS अधिकारी का अनुभव 25 साल से ज्यादा हो जाता है, तो उन्हें एडिशनल सेक्रेटरी या प्रिंसिपल सेक्रेटरी जैसे वरिष्ठ पद मिल सकते हैं. ये पद राज्य और केंद्र सरकार दोनों में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं. इसके बाद कुछ अधिकारी अपने करियर के सबसे ऊंचे पद तक भी पहुंचते हैं. राज्य स्तर पर सबसे बड़ा पद मुख्य सचिव (Chief Secretary) का होता है, जबकि पूरे देश में सबसे ऊंचा प्रशासनिक पद कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) माना जाता है.

IAS का प्रमोश के लिए किन बातों का रखा जात है ध्यान?

  • अधिकारी के काम का अनुभव देखा जाता है.
  • उनके प्रदर्शन और कार्य क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है.
  • पूरे सेवा रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा जाता है.
  • हर साल IAS के काम का गोपनीय मूल्यांकन किया जाता है.

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लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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