Khan Sir: पॉपुलर एजुकेटर खान सर हाल ही में टीवी शो “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” में नजर आए, जहां उन्होंने पढ़ाई, छात्रों और शिक्षकों को लेकर कई दिलचस्प बातें शेयर की. अपने अलग अंदाज और सादगी के लिए मशहूर खान सर ने बताया कि एक अच्छा शिक्षक वही होता है जो सिर्फ किताबों से पढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों की भावनाओं और हाव-भाव को भी समझे.
शिक्षक के जरूरी गुण
शो के दौरान खान सर ने कहा कि पढ़ाना केवल जानकारी देना नहीं होता, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि छात्र उस जानकारी को कितना समझ पा रहा है. उन्होंने कहा, “अच्छा टीचर सिर्फ पढ़ाता नहीं, वो बच्चे का चेहरा पढ़ लेता है.” उनका कहना था कि जब कोई छात्र किसी बात को समझता है तो उसके चेहरे पर एक अलग तरह की मुस्कान दिखाई देती है और यही मुस्कान शिक्षक को बता देती है कि पढ़ाई सही तरीके से पहुंच रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि हर बच्चे की सीखने की गति अलग होती है. इसलिए शिक्षक को यह समझना चाहिए कि सभी छात्र एक जैसे नहीं होते. कुछ छात्र जल्दी समझ जाते हैं, जबकि कुछ को थोड़ा ज्यादा समय और मार्गदर्शन की जरूरत होती है. ऐसे में धैर्य और संवेदनशीलता एक अच्छे शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान होती है.
शिक्षकों को स्टूडेंट्स के हाव-भाव पर ध्यान देना चाहिए
खान सर ने यह भी बताया कि क्लासरूम में पढ़ाते समय शिक्षक को बच्चों के चेहरे के हाव-भाव पर ध्यान देना चाहिए. अगर किसी छात्र के चेहरे पर उलझन या परेशानी दिख रही है तो इसका मतलब है कि उसे विषय ठीक से समझ नहीं आया है. ऐसे में शिक्षक की जिम्मेदारी होती है कि वह उसी समय उस टॉपिक को दोबारा आसान तरीके से समझाए.
सोशल मीडिया यूजर्स ने की तारीफ
खान सर के इस बयान को सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना मिल रही है. कई लोगों ने उनकी बातों को शिक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है. सोशल मीडिया यूजर ने खान सर की इस सोच को सही बताया. एक यूजर ने लिखा कि काश हमारे समय में ऐसे शिक्षक होते. सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि अगर शिक्षक छात्रों की भावनाओं को समझते हुए पढ़ाएं, तो पढ़ाई और भी प्रभावी और दिलचस्प बन सकती है.
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