जेएनयू ने एडवाइजरी में सभी छात्रों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की गई है. इससे एक दिन पहले दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) भी ऐसी ही सलाह जारी कर चुका था. यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह सलाह किसी की आवाज दबाने के लिए नहीं, बल्कि सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी गई है.
JNU ने छात्रों से क्या कहा?
JNU ने 24 जुलाई को जारी नोटिस में कहा कि सभी छात्र, शिक्षक और कर्मचारी अपनी सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दें. यूनिवर्सिटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि फिलहाल जंतर-मंतर या उसके आसपास होने वाली भीड़ और प्रदर्शनों में शामिल होने से बचें.
सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी
JNU ने सिर्फ प्रदर्शन में जाने को लेकर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया को लेकर भी चेतावनी दी है. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्र और कर्मचारी कोई भी पोस्ट या टिप्पणी करते समय जिम्मेदारी से काम लें.
अगर कोई ऐसा काम करता है जो कानून का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
आखिर जंतर-मंतर पर चल क्या रहा है?
NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा देखने को मिला. कई छात्र संगठनों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएं, भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए.
DU ने भी एक दिन पहले जारी की थी एडवाइजरी
JNU से पहले दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी अपने छात्रों और शिक्षकों से जंतर-मंतर से दूर रहने की अपील की थी. DU ने कहा था कि प्रदर्शन में शामिल होने से छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई और कानूनी स्थिति पर असर पड़ सकता है.
DU की सलाह पर शुरू हो गई नई बहस
दिल्ली विश्वविद्यालय की एडवाइजरी सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कई छात्रों, पूर्व छात्रों और राजनीतिक नेताओं ने इस पर सवाल उठाए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से नहीं रोका जाना चाहिए.
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