पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क पर कभी भी 8 रुपये की वृद्धि कर सकती है सरकार, कांग्रेस ने लगाये आरोप

Updated at : 23 Mar 2020 8:50 PM (IST)
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petrol-diesel price

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वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के तेजी से गिरते दाम के बीच सरकार ने कानून में जरूरी संशोधन किया है और पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करने का अधिकार हासिल कर लिया है.

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नयी दिल्ली : वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के तेजी से गिरते दाम के बीच सरकार ने कानून में जरूरी संशोधन किया है और पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करने का अधिकार हासिल कर लिया है. इसके बाद, सरकार आने वाले दिनों में कभी भी पेट्रोल-डीजल पर आठ रुपये के दायरे में उत्पाद शुल्क में वृद्धि कर सकती है. उधर, कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की तकलीफ का फायदा उठा रही है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2020 में संशोधन पेश किये, जिसमें इन ईंधनों पर भविष्य में एक सीमा तक विशेष उत्पाद शुल्क की दर बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल था. सदन ने विधेयक को बिना चर्चा के पारित कर दिया. इस संशोधन के बाद सरकार पेट्रोल पर अतिरिक्त विशेष उत्पाद शुल्क को प्रति लीटर 10 रुपये से बढ़ाकर 18 रुपये और डीजल पर चार रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति लीटर तक कर सकती है.

सरकार ने इससे पहले 14 मार्च को दोनों ईंधनों पर उत्पाद शुल्क में तीन रुपये प्रति लीटर वृद्धि की घोषणा की थी. इस वृद्धि से सालाना आधार पर सरकार को 39,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है. इस शुल्क वृद्धि में दो रुपये विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क मद में दो रुपये और सड़क एवं अवसंरचना उपकर की मद में एक रुपये प्रति लीटर शुल्क बढ़ाया गया. कुल मिलाकर तीन रुपये प्रति लीटर तक शुल्क बढ़ाया गया.

सरकार द्वारा 14 मार्च को की गयी वृद्धि के बाद विशेष उत्पाद शुल्क इसके लिए कानून में दी गयी अधिकतम सीमा तक पहुंचा गया था. यह सीमा पेट्रोल के मामले में 10 रुपये और डीजल के मामले में चार रुपये प्रति लीटर थी. सरकार ने अब वित्त विधेयक की आठवीं अनुसूची में संशोधन करते हुए इस सीमा को पेट्रोल के मामले में बढ़ाकर 18 रुपये और डीजल के मामले में 12 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. यह संशोधन सरकार को भविष्य में शुल्क बढ़ाने के लिए कानूनी प्रावधान के तौर पर उपलब्ध कराया गया है. फिलहाल, इस समय पेट्रोल, डीजल पर इस शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गयी है. सरकार भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह वृद्धि कर सकती है.

उधर, कांग्रेस ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों की तकलीफ का फायदा उठा रही है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री जी, लोगों की पीड़ा का इस तरह से फायदा उठाना बहुत शर्मनाक, अमानवीय और बेरहम है. उन्होंने कहा कि लोगों की जीविका खत्म हो रही है और नौकरियां जा रही है. ऐसे में, भाजपा सरकार कच्चे तेल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर मुनाफा कमा रही है. लोगों को हाशिए पर मत धकेलिए.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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