EPF news : अपने 6 करोड़ सब्सकाइबर्स को करारा झटका देने वाला है EPFO, 4 मार्च को करने जा रहा है धमाकेदार ऐलान

EPF news : हाल ही में केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने कहा था कि ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को 31 मार्च 2021 के अंत तक दो किस्तों में 8.50 फीसदी ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा. पहली किस्त में सब्सक्राइबर्स को 8.15 फीसदी और दूसरी में 0.35 फीसदी ब्याज का भुगतान किया जाएगा.
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गुरुवार को श्रीनगर में होगी केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक
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श्रीनगर की बैठक में हो सकता है पीएफ ब्याज दर का ऐलान
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ईपीएफओ की ओर से ब्याज दरों में की जा सकती है कटौती
EPF news : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने 6 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स को जल्द ही करारा झटका देने वाला है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, ईपीएफओ 4 मार्च 2021 को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर सकता है. गुरुवार यानी 4 मार्च को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की श्रीनगर में बैठक आयोजित किया जाना है.
सीबीटी की इस बैठक में ईपीएफओ की सालाना आमदनी और वित्तीय हालात की समीक्षा की जाएगी. इस बैठक में बोर्ड की ओर से 2021-21 के लिए ब्याज दर का ऐलान किया जा सकता है. आशंका यह भी जाहिर की जा सकती है कि कोरोना संकट के मद्देनजर संगठन ईपीएफ पर ब्याज दरों में कमी कर 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को झटका दे सकता है, क्योंकि इस बार ईपीएफ ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है.
बाजार की हालत नाजुक
हाल ही में केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने कहा था कि ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को 31 मार्च 2021 के अंत तक दो किस्तों में 8.50 फीसदी ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा. पहली किस्त में सब्सक्राइबर्स को 8.15 फीसदी और दूसरी में 0.35 फीसदी ब्याज का भुगतान किया जाएगा. ईपीएफओ ने कहा था कि 8.50 फीसदी ब्याज में 8.15 फीसदी डेट इनकम और 0.35 फीसदी ईटीएफ की बिक्री से हासिल होगी.
ईपीएफओ बोर्ड के सदस्य बृजेश उपाध्याय ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में इसे दो किस्त में चुकाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ निवेश से फिलहाल पैसा नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि बाजार स्थिति नाजुक है.
फिलहाल तय नहीं है श्रीनगर बैठक का एजेंडा
ईपीएफओ के ट्रस्टी केई रघुनाथन ने हाल में ही कहा था कि उन्हें 4 मार्च को श्रीनगर में सीबीटी की बैठक की सूचना मिली है. बैठक का एजेंडा जल्द आने वाला है. हालांकि, उन्होंने कहा कि बैठक की सूचना से संबंधित ई-मेल में ब्याज दर पर चर्चा का कोई जिक्र नहीं है. इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि ईपीएफओ वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर घटा सकता है.
बता दें कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भविष्य निधि पर ब्याज दर 8.5 फीसदी थी. माना जा रहा है कि कोरोना संकट के बीच पीएफ से ज्यादा निकासी और कम अंशदान की वजह से ब्याज घटाने का फैसला लिया जा सकता है.
2019-20 के लिए ब्याज दरों में की गई थी कटौती
ईपीएफओ ने मार्च 2020 में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर घटाकर 8.5 फीसदी की थी. बीते सात साल में यह सबसे कम ब्याज है. इससे पहले 2012-13 में ब्याज दरें 8.5 फीसदी पर थीं. वित्त वर्ष 2018-19 में पीएफ जमा पर सब्सक्राइबर्स को 8.65 फीसदी ब्याज मिला था. ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स को 2016-17 के लिए पीएफ जमा पर 8.65 फीसदी, 2017-18 के लिए 8.55 फीसदी और 2015-16 के लिए 8.8 फीसदी ब्याज दिया था. वहीं, 2013-14 में पीएफ जमा पर 8.75 फीसदी का ब्याज मिलता था, जो वित्त वर्ष 2012-13 के लिए 8.5 फीसदी से ज्यादा था. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन तथा News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
Posted by : Vishwat Sen
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