रोड और रेलवे समेत अन्य परियोजनाओं के कामों को पूरा करने के लिए बिल्डरों को भी मिली 6 महीने की छूट
Author : Agency Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 May 2020 9:36 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को सड़कों, रेलवे और अन्य परियोजनाओं के कामों में लेट-लतीफी करने वाले बिल्डरों को भी उनके दायित्वों को पूरा करने की समयसीमा में छह महीने तक छूट देने का ऐलान किया है.
नयी दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को सड़कों, रेलवे और अन्य परियोजनाओं के कामों में लेट-लतीफी करने वाले बिल्डरों को भी उनके दायित्वों को पूरा करने की समयसीमा में छह महीने तक छूट देने का ऐलान किया है. रियल एस्टेट परियोजनाओं के मामले में भी उनके रजिस्ट्रेशन से लेकर काम पूरा होने की तय समयसीमा को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. इस संबंध में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय राज्यों के नियामकीय प्राधिकरणों को जरूरी सुझाव और परामर्श भेजेगा. सरकार के इस कदम से कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित विभिन्न परियोजनाओं के ठेकेदारों को राहत मिलेगी.
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशभर में 25 मार्च 2020 से लॉकडाउन (पाबंदी) लागू हैं, जिसकी वजह से सभी तरह की गतिविधियां थम गयी हैं. लॉकडाउन 3.0 17 मई को समाप्त हो रहा है. वित्त मंत्री सीतारमण ने सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ब्योरा देते हुए कहा कि सभी केंद्रीय एजेंसियां जैसे कि रेलवे, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग सहित तमाम एजेंसियां ठेकेदारों को बिना कोई हर्जाने के कार्यों को पूरा करने के लिण् छह महीने तक का समय-विस्तार देंगी. उन्होंने कहा कि इस विस्तार में निर्माण कार्य और वस्तु एवं सेवाओं के अनुबंध वाले कार्यों के साथ ही कार्य पूरा करने का दायित्व, पहले हासिल किये जाने वाले पड़ावों और सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी के मामले में रियायती अवधि का विस्तार भी शामिल है.
वित्त मंत्री ने कहा कि ठेकेदारों के स्तर पर नकदी की तंगी को दूर करने के लिये सरकारी एजेंसियां उनकी आंशिक बैंक गारंटी को जारी कर सकती है. ठेकेदारों का जितना कार्य पूरा हुआ है, उसके अनुरूप उनकी बैंक गारंटी को मुक्त किया जा सकता है. इस मौके पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी उनके साथ थे. सीतारमण ने कहा कि रियल एस्टेट परियोजनाओं पर भी कोविड-19 का प्रभाव पड़ा है. आवास विकास परियोजनाओं के मामले में शहरी विकास मंत्रालय राज्यों के नियामकीय प्राधिकरणों (रेरा) को इस बाबत जरूरी प्रावधान करने के सुझाव देगा.
रियल एस्टेट क्षेत्र की नयी परियोजनाओं के पंजीकरण और पुरानी परियोजनाओं के पूर्ण होने की तिथि में भी छह महीने तक का विस्तार दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू हुआ था. जिन परियोजनाओं के रजिस्ट्रेशन अथवा काम पूरा होने की समयसीमा इसके आसपास था, उनकी तिथि को खुद ही बिना किसी आवेदन के छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए. इसके लिए परियोजना विकसित कर रहे डेवलपर से किसी प्रकार के आवेदन लेने की आवश्यकता नहीं है.
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