नितिन नवीन की विरासत कौन संभालेगा? पटना की बांकीपुर सीट के लिए तीन नाम रेस में आगे

Bankipur Bypoll: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव इस समय चर्चा में है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है. आइये जानते हैं इस सीट से कौन तीन नाम आगे चल रहे हैं?

Bankipur Bypoll: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे, जबकि 3 अगस्त को नतीजे घोषित किए जाएंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है. यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए सियासी गलियारों में सवाल गूंज रहा है कि आखिर इस सीट से पार्टी का नया चेहरा कौन होगा.

रेस में सबसे आगे चल रहे हैं अजय आलोक

बीजेपी खेमे में इस सीट को लेकर कई मजबूत चेहरों पर मंथन चल रहा है, जिनमें पहला और सबसे बड़ा नाम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक का है. पेशे से सफल डॉक्टर अजय आलोक कायस्थ बिरादरी से आते हैं और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ वोटरों की संख्या अच्छी-खासी है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने टीवी बहसों से लेकर संगठन के काम तक बीजेपी का पक्ष बहुत मजबूती से रखा है. बिना किसी तड़क-भड़क के संगठन के टास्क पूरे करने वाले अजय आलोक उम्मीदवार के तौर पर पार्टी की पहली पसंद बन सकते हैं.

नितिन नवीन के करीबी अजीत लाली भी तगड़े दावेदार

इसके बाद अजीत कुमार लाली का नाम सामने आ रहा है. वह फिलहाल पटना नगर के प्रदेश महामंत्री हैं. पिछले करीब 30 सालों से बीजेपी में एक्टिव अजीत लाली को नितिन नवीन का करीबी और भरोसेमंद माना जाता है. क्षेत्र की जनता के बीच उनकी पकड़ बहुत मजबूत है और वे लंबे समय से नितिन नवीन के गैर-मौजूदगी में इलाके के काम संभालते रहे हैं. वैश्य समाज से आने वाले अजीत लाली को टिकट देकर बीजेपी चौंका सकती है.

स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा के साथी नील रतन घोष भी चर्चा में

तीसरा चर्चित नाम नील रतन घोष का है. घोष नितिन नवीन के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा के जमाने से परिवार और संगठन से जुड़े हुए हैं. मूल रूप से बंगाल के रहने वाले नील रतन घोष बंगाली कायस्थ हैं और तीन दशकों से बीजेपी में ग्राउंड पर एक्टिव हैं. नितिन नवीन के हर छोटे-बड़े राजनीतिक फैसलों और चुनावी मैनेजमेंट में उनकी भूमिका हमेशा अहम कही जाती है. अगर पार्टी उन पर दांव लगाती है, तो इसे नितिन नवीन के प्रति उनके समर्पण का इनाम माना जाएगा.

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इन दो नेताओं के फैसले पर टिकी नजरें

जन सुराज पार्टी पहले ही यह दावा कर चुकी है कि प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर सीट से चुनाव लड़कर बीजेपी को चुनौती देंगे. इससे यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बांकीपुर सीट पर उम्मीदवार तय करने का आखिरी अधिकार नितिन नवीन के पास ही रहेगा. इस टिकट को फाइनल करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन के बीच दिल्ली में लगातार मंथन का दौर चल रहा है, और जल्द ही उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा.

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Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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