Hyundai Exter Vs Tata Punch: किसकी मंथली EMI सबसे कम है? डाउन पेमेंट के बाद देखें कंपैरिजन

हुंडई एक्सटर और टाटा पंच, भारत की सबसे लोकप्रिय माइक्रो-एसयूवी है. यदि आपने इन दोनों में से किसी एक को डाउन पेमेंट पर घर लाने का प्लान बनाया है, तो मंथली EMI जानें. कौन-सी कार आपके बजट में फिट बैठती है.

हुंडई एक्सटर (Hyundai Exter) और टाटा पंच (Tata Punch) भारत की कार मार्केट में दो बहुत ही पॉपुलर माइक्रो-एसयूवी हैं. यह दोनों कारें एक ऐसे सेगमेंट में आती हैं जिसे ग्राहक काफी पसंद करते हैं और यहां अलग-अलग कार कंपनियों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलता है. हुंडई एक्सटर को काफी सारे फीचर्स वाली माइक्रो-एसयूवी के रूप में लॉन्च किया गया था, जो हैचबैक कार चलाने वालों को एक कदम आगे बढ़कर बड़ा ऑप्शन देती है. दूसरी तरफ, टाटा पंच ग्राहकों को बजट में रहने वाली एक सुरक्षित और काम की एसयूवी का अहसास कराती है. अगर आप भी एक नई माइक्रो एसयूवी खरीदने की सोच रहे हैं और आपकी लिस्ट में टाटा पंच और हुंडई एक्सटर दोनों शामिल हैं, तो इस आर्टिकल में इन दोनों कारों की हर महीने बनने वाली किश्त (EMI) के बीच कंपैरिजन करेंगे. 

Hyundai Exter Vs Tata Punch: कीमत और वेरिएंट्स

हर महीने की EMI का हिसाब लगाने और तुलना करने के लिए हमने दोनों एसयूवी के सबसे सस्ते और सबसे महंगे मॉडल को लिया है. हुंडई एक्सटर के बेस और टॉप मॉडल 1.2 Kappa Petrol MT HX 2 और 1.2 Kappa Dual CNG MT HX8 हैं, जिनकी शोरूम कीमत क्रमश: 5,80,600 रुपये और 9,41,600 रुपये है. दूसरी तरफ, टाटा पंच के बेस और टॉप मॉडल Smart और Accomplished SCNG AMT हैं, जिनकी एक्स शोरूम कीमत क्रमश: 5,69,990 रुपये और 10,66,990 रुपये है.

Hyundai Exter Vs Tata Punch: EMI कंपैरिजन

इस हिसाब-किताब के लिए कार की पूरी शोरूम कीमत पर 100% लोन माना गया है, जबकि ब्याज की दर 9.5% रखी गई है. लोन चुकाने का समय 36 महीने (3 साल) चुना गया है.

मॉडल और वेरिएंटलोन राशि (100% एक्स-शोरूम कीमत)ब्याज दरलोन अवधिमंथली EMI
Hyundai Exter 1.2 Kappa Petrol MT HX 2₹5,80,6009.5%36 महीने₹18,598
Hyundai Exter 1.2 Kappa Dual CNG MT HX 8₹9,41,6009.5%36 महीने₹30,162
Tata Punch Smart₹5,69,9909.5%36 महीने₹18,258
Tata Punch Accomplished+ S CNG AMT₹10,66,9909.5%36 महीने₹34,179

Hyundai Exter Vs Tata Punch: किसकी EMI कम?

इस हिसाब के मुताबिक, हुंडई एक्सटर की हर महीने की EMI मॉडल के आधार पर 18,598 रुपये से 30,162 रुपये के बीच बनती है. वहीं दूसरी तरफ, टाटा पंच की हर महीने की EMI मॉडल के आधार पर 18,258 रुपये से 34,179 रुपये के बीच बनती है.

हालांकि, खरीदारों को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि हर महीने की EMI कई चीजों पर निर्भर करती है और बदल सकती है. जैसे कि आप शुरुआत में कितना पैसा (डाउन पेमेंट) जमा करते हैं, कितना लोन लेते हैं, बैंक की ब्याज दर क्या है और आप कितने समय (टेन्योर) के लिए लोन ले रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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