व्हाइट हाउस अटैकर: कौन है वाशिंगटन में नेशनल गार्ड पर हमला करने वाला शख्स? अफगानिस्तान, बाइडेन और 2021 से है जुड़ा है संबंध

Rahmanullah Lakanwal attacker of Washington DC on National Guard: अमेरिका में वाशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड पर बुधवार को हमला हो गया, जिसमें दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना व्हाइट हाउस के पास भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई. घटना के हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसकी पहचान अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है.

Rahmanullah Lakanwal attacker of Washington DC on National Guard: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में बुधवार को व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी हुई, जिसमें दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना में नेशनल गार्ड के जवानों के साथ एक और व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है. यह घटना वाशिंगटन डीसी के भीड़भाड़ वाले इलाके, फारागट स्क्वायर के पास हुई, जिससे इलाके में अफरा तफरी मच गई. इस गोलीबारी के मामले में एक हमलावर को गिरफ्तार किया गया है. उसकी पहचान 29 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकनवाल की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई है. 

बुधवार को हुई इस घटना में लाकनवाल एक मोड़ पर घात लगाकर बैठा था. थोड़ी ही देर बाद वह वहां से निकलकर बेहद करीब से गश्त कर रहे नेशनल गार्ड सैनिकों पर हैंडगन से गोली चलाने लगा, जिसमें दोनों जवानों को सिर में गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए. एक जवान बस स्टॉप के पीछे छिपने की कोशिश कर रहा था, लेकिन संदिग्ध ने उस पर भी गोली चला दी. गोलीबारी के दौरान लाकनवाल भी घायल हुआ और अस्पताल में भर्ती है, हालांकि उसकी चोटें जानलेवा नहीं मानी जा रहीं. सोशल मीडिया पर एक घायल जवान को सीपीआर देते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है. वहीं दूसरी ओर लाकनवाल को कंट्रोल करने के लिए नेशनल गार्ड के जवान कोशिश करते नजर आ रहे हैं. 

अफगानिस्तान, 2021 और बाइडेन सरकार से क्या है संबंध?

CBS न्यूज, NBC न्यूज और अन्य अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लाकनवाल 2021 में अमेरिका आया था. उसका नाम फिंगरप्रिंट की जांच के बाद सत्यापित किया गया. Fox Digital News ने बताया कि वह ‘ऑपरेशन एलायज वेलकम’ कार्यक्रम के तहत अमेरिका लाया गया था, जो 2021 में बाइडेन सरकार द्वारा अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद नागरिकों के पुनर्वास के लिए शुरू किया गया था. Fox 13 की रिपोर्ट में कहा गया कि वह वॉशिंगटन राज्य में रह रहा था और जांच एजेंसियां अभी उसकी पृष्ठभूमि की पूरी पुष्टि में लगी हुई हैं. रहमानुल्लाह की फेसबुक पेज पर एक आईडी भी है, जिस पर अफगानिस्तान का झंडा लगी हुई एक फोटो है, लेकिन उनकी प्रामाणिकता की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वह वाशिंगटन के बेलिंगहैम इलाके में रह रहा था. 

वाशिंगटन में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा पहरा

घटना के बाद व्हाइट हाउस को कुछ समय के लिए लॉकडाउन में डाल दिया गया, हालांकि उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा स्थित अपने मार-आ-लागो निवास पर थे. DC की मेयर म्यूरियल बाउजर ने इस हमले को टार्गेटेड अटैक बताया, जबकि FBI ने संदिग्ध की प्रवासी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस घटना की जांच एक संभावित राष्ट्रीय आतंकवादी कृत्य के रूप में शुरू कर दी है. 

ट्रंप ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमलावर को जानवर बताय और कहा कि उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने DC में अतिरिक्त 500 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया. उन्होंने नेशनल गार्ड और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को महान लोग बताते हुए आश्वस्त किया कि राष्ट्रपति कार्यालय पूरी तरह उनके साथ खड़ा है. इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है, क्योंकि ट्रंप समर्थक समूहों ने इसे एक वायरल वीडियो से जोड़कर देखा है जिसमें कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने सैनिकों को अवैध आदेश न मानने की बात कही थी. कुल मिलाकर, घटना की मंशा अभी स्पष्ट नहीं है और जांचकर्ता इस मामले को कई संभावित कोणों से खंगाल रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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