भारतीय झंडे वाले टैंकर अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर सकेंगे, ईरान ने दिया परमिशन

Strait of Hormuz : भारत के कम से कम दो तेल टैंकर सुरक्षित तरीके से होर्मुज के रास्ते से गुजरेंगे. ईरान ने इसकी अनुमति दे दी है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका, यूरोप और इजरायल के कई जहाजों पर अब भी पाबंदियां लगी हुई हैं.

Strait of Hormuz : दुनिया भर में जारी एनर्जी क्राइसिस के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है. ईरान ने भारत के झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है. सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने खबर दी है. यह कामयाबी विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत के बाद मिली. इस डेवलपमेंट के बाद, कम से कम दो भारतीय टैंकर (पुष्पक और परिमल) के स्ट्रेटेजिक रूप से अहम स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरने की खबर है.

सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर दो दिन पहले होर्मुज की खाड़ी से निकला. इसे एक भारतीय चला रहा था. यह मुंबई के बंदरगाह पर रुका. यह भारत जाने वाला पहला जहाज बन गया जो सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरा. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद से समुद्री यातायात इस एरिया में लगभग बंद हो गया था.

तेल की कीमतें छू रही हैं आसमान

ईरान के खिलाफ US-इजरायली का हमला (युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ) 12वें दिन में प्रवेश कर गया है. इसका कोई अंत नहीं दिख रहा है. इस तनाव की वजह से समुद्री ट्रैफिक बहुत कम हो गया है. दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं.

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ईरान ने किन जहाजों पर लगाई है रोक?

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने पर अपनी रोक और बढ़ा दी है. तेहरान ने कहा है कि केवल वही जहाज पानी के रास्ते से सुरक्षित रूप से नहीं गुजर सकते जो यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के साथ अपना हित साधने के लिए जुड़े हैं. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) नेवल फोर्स के कमांडर ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की मंजूरी लेनी होगी. नहीं तो, वे ईरानी हमलों का टारगेट बन सकते हैं.

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?

होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच 55 किलोमीटर चौड़ा पानी का चैनल है. यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है. यह एनर्जी सेक्टर के हिसाब से एक खास हिस्सा है. यह दुनिया के सबसे बिजी और स्ट्रेटेजिक रूप से सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है. आम तौर पर हर दिन लगभग 13 मिलियन बैरल तेल इन पानी के रास्तों से गुजरता है.

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By Amitabh Kumar

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अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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