खास बातें
West Bengal Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद 6:30 बजे से एग्जिट पोल आने लगेंगे. इसमें यह बताया जायेगा कि बंगाल में अगली सरकार किसकी बन सकती है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस जीतकर लगातार चौथी बार सरकार बनायेगी कि वर्ष 2011 की तरह राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनेगी.
2016 और 2011 में सही साबित हुए थे एग्जिट पोल
इससे पहले जानना दिलचस्प होगा कि एग्जिट पोल में अब तक किन एजेंसियों ने सबसे सटीक भविष्यवाणी की है. पिछले 3 चुनावों की बात करें, तो वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल फेल हो गये थे. हालांकि, इसके पहले वर्ष 2016 और वर्ष 2011 के चुनावों में एग्जिट पोल के नतीजे सबसे सही साबित हुए थे.
2021 में दिग्गज एजेंसियों के डाटा गड़बड़ाये
सबसे पहले बात करते हैं वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद आये एग्जिट पोल की. इस बहुचर्चित चुनाव में 5 एजेंसियों ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बहुमत या उसके करीब सीटें दी थीं. 5 एजेंसियों ने बहुमत से कम सीटें दीं थीं. 3 एजेंसियों ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने की भविष्यवाणी की थी.
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इन एजेंसियों ने ममता को बताया था बहुमत के करीब
एबीपी-सी वोटर ने टीएमसी को 152-164, पी-मार्क ने 152-172, ईटीजी रिसर्च ने 164-176, इंडिया टुडे- एक्सिस माई इंडिया ने 130-156 और पोल स्ट्रैट ने 142-152 सीटें मिलने का अनुमान जताया था.
West Bengal Exit Poll: इन एजेंसियों ने बना दी थी भाजपा की सरकार
भारतीय जनता पार्टी को जिन सर्वे एजेंसियों ने बहुमत के करीब दिखाया था, उनके नाम रिपब्लिक-जन की बात, इंडिया टीवी-पीपुल्स पल्स और इंडिया न्यूज-जन की बात शामिल हैं. रिपब्लिक-जन की बात ने भाजपा को 162-185 सीटें मिलने का अनुमान जताया था. इंडिया टीवी-पीपुल्स पल्स ने 173-192 और इंडिया न्यूज-जन की बात ने 162-185 सीटें भाजपा को मिलने की बात कही थी.
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चुनाव परिणाम में धराशायी हो गये सारे Exit Polls
चुनाव के परिणाम आये, तो तृणमूल कांग्रेस को जितनी सीटें मिलने का अनुमान सर्वे में जताया गया था, उससे कहीं ज्यादा सीटें मिलीं और 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी ने सत्ता में वापसी की. ममता बनर्जी चुनाव हारने के बावजूद लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं. भारतीय जनता पार्टी 77 सीटों पर सिमट गयी. संयुक्त मोर्चा (वामदल, कांग्रेस और आईएसएफ के गठबंधन) को सिर्फ 1 सीट से संतोष करना पड़ा. यह सीट आईएसएफ के खाते में गयी. कांग्रेस और वामदलों का सूपड़ा साफ हो गया. टीएमसी-बीजेपी की जंग ने इन्हें शून्य पर समेट दिया.
2011 में सी-वोटर-रिडीफ का सर्वे सबसे सटीक
अब बात करें उन सर्वे एजेंसियों की, जिनका एग्जिट पोल सटीक साबित हुआ. वर्ष 2011 में सी-वोटर-रिडीफ के सर्वे में ममता बनर्जी की सरकार बनने की बात कही गयी थी. तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के गठबंधन को इस एजेंसी ने 184 से 192 के बीच सीटें मिलने का अनुमान जताया था. गठंधन को 184 सीटें मिलीं थीं.
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2016 में न्यूज24-चाणक्या ने गाड़ा था झंडा
वर्ष 2016 के चुनाव में सबसे सटीक भविष्यवाणी न्यूज24-चाणक्या ने की थी. उस साल के चुनाव के बाद एग्जिट पोल में कहा गया था कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी 210 सीटें जीत सकतीं हैं. पार्टी ने 211 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि, भाजपा के लिए न्यूज24-चाणक्या ने 14 सीटें मिलने का अनुमान जताया था, लेकिन पार्टी को सिर्फ 3 सीट पर ही जीत मिल पायी. इस चुनाव में कांग्रेस को 44 और वामदलों को 32 सीटें ही मिल पायीं थीं.
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