कच्चे तेल की नहीं होगी किल्लत! IEA जारी करेगा 40 करोड़ बैरल तेल तेल भंडार

Middle East Crisis: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने पश्चिम एशिया युद्ध के कारण ऊर्जा बाजारों पर पड़ते असर को कम करने के लिए इतिहास का सबसे बड़ा आपातकालीन तेल भंडार 40 करोड़ बैरल जारी करने का फैसला किया.

Mddle East Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बुधवार को अपने इतिहास का सबसे बड़ा आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का फैसला किया. पेरिस स्थित इस संगठन ने घोषणा की है कि सदस्य देशों के सुरक्षित भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारा जाएगा. यह मात्रा 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जारी किए गए 18.27 करोड़ बैरल के पिछले रिकॉर्ड से दोगुने से भी अधिक है.

कच्चे तेल की किल्लत के बीच मिलेगी राहत

आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने और रिफाइनरियों पर हमलों के कारण जेट ईंधन और डीजल की आपूर्ति पर बड़ा संकट पैदा हो गया है. इसी मुद्दे पर जी7 देशों के नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ऊर्जा संकट की समीक्षा की. बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत सदस्य देशों के नेताओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के उपायों पर चर्चा की.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आईईए के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि कुल भंडार का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जी7 देशों की ओर से दिया जा रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले लगभग 20 दिन के तेल निर्यात के बराबर है.

जर्मनी 26.4 लाख टन तेल जारी करेगा

इस बीच जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने भी अपने तेल भंडार का हिस्सा जारी करने का फैसला किया है. जर्मनी की अर्थव्यवस्था मामलों की मंत्री कैथरीना रीश ने बताया कि देश आईईए के अनुरोध पर 26.4 लाख टन तेल जारी करेगा. वहीं ऑस्ट्रिया के अर्थव्यवस्था मंत्री वोल्फगैंग हाटमैन्सडॉर्फर ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल पंपों पर कीमतें सप्ताह में केवल तीन बार ही बदली जाएंगी.

सोमवार से जापान जारी करेगा तेल

जापान ने भी घोषणा की है कि वह सोमवार से अपने भंडार से तेल जारी करना शुरू कर देगा. आईईए के अनुसार, वर्तमान में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है. यह 1974 में एजेंसी की स्थापना के बाद तेल भंडार जारी करने का छठा बड़ा मौका है. (भाषा इनपुट)

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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