Pakistan Cambridge Paper Leak: पाकिस्तान में कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन के एएस लेवल का गणित का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हो गया. इस पेपर की परीक्षा बुधवार दोपहर को होनी थी. बुधवार को कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने औपचारिक जांच शुरू की है. यह लगातार तीसरा साल है जब इस अंतरराष्ट्रीय बोर्ड को इस क्षेत्र में सुरक्षा उल्लंघनों का सामना करना पड़ रहा है.
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्योर मैथमेटिक्स 1 (पेपर 1) परीक्षा का प्रश्नपत्र छात्रों के परीक्षा देने से कुछ घंटे पहले ही सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फैल गया था. ट्रिब्यून.पीके की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पेपर मंगलवार रात से ही प्रसारित होना शुरू हो गया था.
यह पेपर परीक्षा से काफी पहले सोशल मीडिया पर हल और बिना हल दोनों रूपों में उपलब्ध था. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से कम से कम छह घंटे पहले यह रेडिट और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध था. वहीं कुछ रिपोर्ट्स का यह भी आरोप है कि इसे ऑनलाइन बेचा जा रहा था.
छात्रों ने दर्ज कराई शिकायत
यह मामला कराची के एक निजी परीक्षा केंद्र में परीक्षा के दौरान सामने आया. जहां कई छात्रों ने आधिकारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि उन्होंने परीक्षा से पहले ही यही प्रश्नपत्र देखा था. केंद्र पर मौजूद ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधियों ने प्रभावित छात्रों के लिखित बयान दर्ज किए.
डॉन के अनुसार, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ने इन रिपोर्टों को स्वीकार करते हुए कहा, ‘हमें प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों की जानकारी है. हम ऐसी रिपोर्टों की पूरी तरह जांच करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर जून 2026 सत्र की निर्धारित परीक्षाओं के दौरान या उनके बाद केंद्रों को अधिक जानकारी प्रदान करेंगे.’
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क्या है कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन?
कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट का हिस्सा है. यह 160 से अधिक देशों में ओ लेवल, एएस और ए लेवल की परीक्षाएं आयोजित करता है. पाकिस्तान में ये योग्यताएं देश और विदेश में उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण मार्ग मानी जाती हैं.
23 अप्रैल से शुरू हुई 2026 की मई-जून परीक्षा श्रृंखला इस विवाद के कारण प्रभावित हो गई है. यह घटना पिछले कुछ वर्षों में हुई सुरक्षा चूकों की कड़ी में एक और मामला है. इसने यूके स्थित इस बोर्ड और पाकिस्तान के परीक्षार्थियों के बीच संबंधों पर असर डाला है.
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
‘जियो टीवी’ के अनुसार, पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे परीक्षा सुरक्षा को लेकर सवाल और गहरे हुए हैं. 2024 में, सीआईई ने ए-लेवल गणित का प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि की थी और आंतरिक जांच के बाद कहा था, ‘हमने कई स्रोतों से मिले साक्ष्यों की समीक्षा की और निष्कर्ष निकाला कि यह प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले पाकिस्तान में बड़ी संख्या में छात्रों ने देख लिया था.’ इसके बाद बोर्ड ने प्रभावित छात्रों को ‘असेस्ड मार्क्स’ दिए थे.
जून 2025 में भी कैम्ब्रिज ने बताया था कि एएस और ए-लेवल के तीन प्रश्नपत्रों, मैथमेटिक्स पेपर 12, मैथमेटिक्स पेपर 42 और कंप्यूटर साइंस पेपर 22, के कुछ हिस्से परीक्षा से पहले ही उपलब्ध हो गए थे. हालांकि बोर्ड ने कहा था कि पूरे प्रश्नपत्र लीक नहीं हुए थे, लेकिन प्रभावित छात्रों के लिए नवंबर 2025 में मुफ्त री-एग्जाम का विकल्प दिया गया था. हालांकि, इन जांचों के निष्कर्ष या जिम्मेदारी तय करने से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
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ताजा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब जून 2026 परीक्षा श्रृंखला 23 अप्रैल से शुरू होकर 9 जून तक देशभर में जारी है. सीआईई ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद वह आगे की जानकारी साझा करेगा.
ANI के इनपुट के साथ.
