उनसे कोहिनूर हीरा लौटाने की अपील करूंगा... किंग चार्ल्स से मुलाकात से पहले बोले न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी

Kohinoor Diamond King Charles Zohran Mamdani: कोहिनूर हीरा भारत के आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की गोलकुंडा की कोल्लूर खदान से लगभग1300 ईस्वी में निकला था. यह इतने सालों में कई साम्राज्यों के पास रहा है. दिल्ली की मुगलिया सल्तनत, अफगानिस्तान और सिख रियासतों सो होते हुए आज यह ब्रिटिश साम्राज्य के पास है.

Kohinoor Diamond King Charles Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वह ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय को कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स अमेरिका की राजकीय यात्रा पर थे और ममदानी उनसे मुलाकात करने वाले थे.

बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममदानी से पूछा गया कि वह महाराजा से मुलाकात के दौरान क्या कहेंगे. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अलग से बात करने का अवसर मिलता है, तो वह निश्चित रूप से कोहिनूर हीरे की वापसी का मुद्दा उठाएंगे और महाराजा को इसे लौटाने के लिए प्रेरित करेंगे.

इससे एक दिन पहले मंगलवार को महाराजा चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित किया था. अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान वह और महारानी कैमिला व्हाइट हाउस में आयोजित एक राजकीय रात्रिभोज में भी शामिल हुए, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने उनका सम्मान किया.

किंग चार्ल्स ने 9/11 स्मारक का दौरा कर दी श्रद्धांजलि

न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान महाराजा चार्ल्स और महारानी कैमिला ने 9/11 स्मारक का दौरा कर आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके अलावा उन्होंने अपर मैनहट्टन में स्थित ‘हार्लेम ग्रोन’ नामक शहरी फार्म नेटवर्क का भी दौरा किया, जो बच्चों और परिवारों के समर्थन के लिए कार्य करता है. इसी दौरान ममदानी ने 9/11 स्मारक स्थल पर महाराजा चार्ल्स से मुलाकात की.

कोहिनूर हीरे ब्रिटेन कैसे पहुंचा

कोहिनूर हीरे का इतिहास भी काफी विवादित रहा है. 105.6 कैरेट का यह हीरा वर्ष 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख वॉर के बाद सिख शासक महाराजा दलीप सिंह द्वारा महारानी विक्टोरिया को सौंपा गया था. बाद में इसे 1937 में महारानी के मुकुट में जड़ दिया गया. वर्तमान में यह हीरा लंदन टावर में सुरक्षित रखा गया है.

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भारत लंबे समय से कोहिनूर की वापसी की उठा रहा मांग

भारत लंबे समय से कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग करता रहा है और समय-समय पर इस मुद्दे को ब्रिटेन सरकार के समक्ष उठाता रहा है. भारत ने यह भी संकेत दिया है कि वह इस ऐतिहासिक धरोहर को वापस लाने के लिए सभी संभावित रास्तों की तलाश जारी रखेगा और इस मामले का संतोषजनक समाधान निकालने के प्रयास करता रहेगा.

इतिहासकारों के अनुसार, कोहिनूर हीरे के कई मालिक रह चुके हैं, जिनमें मुगल सम्राट, ईरान के शाह, अफगानिस्तान के अमीर और सिख महाराजा शामिल हैं. यही कारण है कि इसकी विरासत और स्वामित्व को लेकर आज भी बहस जारी है.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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