Trump Iran Blockade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी (ब्लॉकैड) को ‘जीनियस’ फैसला बताया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान अपने परमाणु हथियार बनाने का सपना पूरी तरह नहीं छोड़ देता, तब तक अमेरिका उसके साथ कोई डील नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान को अब हार माननी ही होगी.
ट्रंप बोले- हमारी नेवी सबसे बेस्ट
ट्रंप के मुताबिक, यह घेराबंदी 100% कामयाब रही है. उन्होंने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान की मिलिट्री को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नेवी अब समुद्र की गहराई में है और उनकी एयरफोर्स अब कभी उड़ान नहीं भर पाएगी. उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सेना भी अमेरिका के सामने 48 मिनट में ढेर हो गई थी.
ईरान की इकोनॉमी पूरी तरह ठप
ईरान की आर्थिक हालत पर ट्रंप ने कहा कि उनकी इकोनॉमी अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. अब ईरान के पास केवल ‘हार मानने’ का रास्ता बचा है. बातचीत के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि अब लंबी फ्लाइट्स के बजाय फोन पर ही बातचीत हो रही है, जो काफी आसान है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि वे आमने-सामने बैठकर बात करना ज्यादा पसंद करते हैं.
42 जहाजों को अमेरिका ने रोका: सेंटकॉम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने जानकारी दी है कि इस घेराबंदी से ईरान का तेल व्यापार पूरी तरह रुक गया है. अमेरिकी सेना ने अब तक 42 कमर्शियल जहाजों को ईरान के बंदरगाहों में घुसने या वहां से बाहर निकलने से रोककर वापस भेज दिया है.
CENTCOM (यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड) अमेरिकी सेना का वह मुख्य हिस्सा है जो मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) और मध्य एशिया के देशों में होने वाले सैन्य ऑपरेशनों और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है.
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ईरान ने दिया संघर्ष विराम का ऑफर: रिपोर्ट
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक शर्त रखी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका घेराबंदी हटा ले और दुश्मनी खत्म करे, तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में अपनी मिलिट्री ऑपरेशन रोक देंगे. रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान धीरे-धीरे तनाव कम करने के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है.
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