Trump Putin Call: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर लंबी बातचीत के बाद संकेत दिया है कि यूक्रेन जंग में जल्द ही ब्रेक लग सकता है. ट्रंप ने बुधवार को बताया कि पुतिन अब युद्ध रोकने के लिए तैयार दिख रहे हैं. जल्द ही रूस की ओर से सीजफायर यानी युद्धविराम का ऐलान किया जा सकता है. ट्रंप और पुतिन के बीच यह बातचीत करीब 90 मिनट तक चली, जिसे काफी अहम माना जा रहा है.
पुतिन से बोले ट्रंप- मदद बाद में करना, पहले अपनी जंग खत्म करो
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि पुतिन के साथ उनकी बातचीत काफी अच्छी रही. इस दौरान पुतिन ने ईरान के परमाणु मामले और खाड़ी देशों के तनाव को सुलझाने में अमेरिका की मदद करने की पेशकश की थी. इस पर ट्रंप ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि इससे पहले कि आप मेरी मदद करें, मैं चाहता हूं कि आप अपनी जंग (यूक्रेन युद्ध) खत्म करें. ट्रंप का मानना है कि पुतिन काफी समय पहले ही समझौता करना चाहते थे, लेकिन कुछ बाहरी ताकतों की वजह से उनके लिए बातचीत की मेज पर आना मुश्किल हो गया था.
ईरान को ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ रखा है. उन्होंने दावा किया कि हाल के ऑपरेशन्स में ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की नेवी, एयरफोर्स और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को लगभग खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब बहुत कम मिसाइलें बची हैं और उनके मिसाइल बनाने वाले 80% ठिकानों को तबाह कर दिया गया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो बाकी बचे ठिकानों को भी जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा.
विजय दिवस पर सीजफायर की उम्मीद
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने इस बातचीत को काफी स्पष्ट और ‘बिजनेसलाइक’ बताया है. इस कॉल में रूस की ओर से ‘विजय दिवस’ (Victory Day) के जश्न के दौरान सीजफायर घोषित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई. ट्रंप ने संकेत दिया कि पुतिन शायद जल्द ही इससे जुड़ा कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं. साल 2025 में व्हाइट हाउस में ट्रंप की वापसी के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह 12वीं बातचीत थी.
ये भी पढ़ें: ट्रंप की नई चाल: ईरान की घेराबंदी और आपसी फूट से सरेंडर का प्लान, स्पीकर बोले- नाकाम होंगे मंसूबे
पुतिन भी नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों: ट्रंप
एक तरफ जहां ट्रंप रूस के साथ मिलकर ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को पुतिन का शुक्रिया अदा किया था. अराघची ने ईरान और रूस के रिश्तों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ बताया था. हालांकि, ट्रंप का दावा है कि पुतिन खुद भी नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों. फिलहाल दोनों देश यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अलग-अलग लेवल पर बातचीत जारी रखने के लिए सहमत हो गए हैं.
ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: होर्मुज से नाकेबंदी हटाने से इनकार, ईरान पर दबाव और बढ़ेगा
