भ्रम में न रहे कीव और यूरोप, हाल बेहाल कर देंगे, ट्रंप के पीस प्लान पर पुतिन का रिएक्शन, यूक्रेन को थमाया अल्टीमेटम

Vladimir Putin on Donald Trump’s Ukraine Peace Plan: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में शांति के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को सीमित रूप से स्वीकार किया. उनका यह संकेत इशारा कर रहा है कि समाधान का रास्ता अब खुल सकता है. हालांकि, उन्होंने कीव को प्रस्ताव न मानने पर खुली धमकी भी दी, साथ ही यूरोप की शक्तियों को भी उन्होंने चेतावनी दी.

Vladimir Putin on Donald Trump’s Ukraine Peace Plan: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन में शांति लाने के अपने प्रयास में एक बड़ा कदम चला है. उन्होंने एक 28 सूत्रीय पीस प्लान पेश किया है, जिस पर रूस ने सहमति भर दी है. लेकिन उसने शर्तें भी लगा दी हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में शांति के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को सीमित रूप से स्वीकार किया. उनका यह संकेत इशारा कर रहा है कि समाधान का रास्ता अब खुल सकता है. हालांकि, उन्होंने कीव की आल��चना करते हुए उसके रुख को अवास्तविक बताया. उन्होंने धमकी भी दी कि अगर वह नहीं माना तो रूस यूक्रेन के अन्य इलाकों पर भी कब्जा करेगा. इतना ही नहीं उन्होंने यूक्रेन के सहयोगी बाकी यूरोप को भ्रम में न रहने की भी सलाह दे दी है.  

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप योजना अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकती है. शुक्रवार को रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलते हुए उन्होंने इसमें मास्को की कई पुरानी मांगें शामिल किया. इसके तहत यूक्रेन को रूस को कुछ क्षेत्रों को सौंपना होगा, अपनी सेना का आकार घटाना होगा और नाटो सदस्यता छोड़नी होगी, जबकि केवल सीमित सुरक्षा गारंटी मिलेगी. पुतिन ने कहा कि उन्हें यह योजना मिल गई है, लेकिन यह भी जोड़ा कि- इस पर हमारे साथ कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई है और मैं समझ सकता हूं क्यों. क्योंकि यूक्रेन इसके खिलाफ है. अमेरिका अभी यूक्रेन की सहमति ने हीं ले पाया है. जाहिर है, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अब भी भ्रम में हैं और युद्ध के मैदान में रूस को रणनीतिक हार देने का सपना देख रहे हैं.”

अगर नहीं माना तो गंवाने पड़ेंगे इलाके

व्लादिमिर पुतिन ने आगे कहा कि अगर यूक्रेन इस प्रस्ताव को नहीं मानता तो उसे अपने और इलाके गंवाने पड़ेंगे. अगर प्रेसीडेंट ट्रंप के प्रस्ताव पर कीव चर्चा नहीं करता या मना करता है, तो उसे और उसके यूरीपीय युद्धप्रेमियों को समझना चाहिए कि कुपियांस्क में जैसी घटनाएं हुई हैं, वे किसी और जगह भी दोहराई जा सकती हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन में रूसी सेना आगे बढ़ रही है और वे तब तक आगे बढ़ती रहेंगी, जब तक इलाके में शांति नहीं आ जाती. यूक्रेन और यूरोपियन शक्तियों को इसे समझना होगा.

ट्रंप ने पीस प्लान पर यूक्रेन को दिया समय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि यूक्रेन गुरुवार तक 28 बिंदुओं वाली इस योजना पर अपना जवाब देगा, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर समयसीमा बढ़ाई जा सकती है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उद्देश्य यूक्रेन में खून-खराबा रोकना है और यह भी कहा कि प्रस्ताव रूस को उकसाने के लिए नहीं हैं. इस प्लान में क्रीमिया पर रूस का क्लेम मानना होगा और डोनेट्स्क इलाका रूस को सौंपना होगा. रूसी सेना का कब्जा अब तक जिन क्षेत्रों में है, वहां पर उसी का राज होगा.

जेलेंस्की बोले- यूक्रेन के सामने कठिन फैसले

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि कीव बहुत कठिन चुनाव का सामना कर सकता है. उसे या तो अपनी गरिमा खोने का जोखिम लेना होगा या एक अहम साझेदार को खोने का सामना करना होगा. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिका और यूरोप के साथ बातचीत करेगा, लेकिन समान व्यवहार सुनिश्चित करेगा. जेलेंस्की ने शुक्रवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस और आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल से लगभग एक घंटे बातचीत की और योजना की समीक्षा की. यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि वे प्रस्तावों की सावधानी से समीक्षा कर रहे हैं. ज़ेलेंस्की ने कहा कि कीव अपनी संप्रभुता, जनता की सुरक्षा और न्यायपूर्ण शांति के सिद्धांतों के साथ बना रहेगा, और अमेरिका के साथ तकनीकी वार्ताएँ जारी रहेंगी.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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