US Iran Tensions: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में इस वक्त माहौल काफी गरम है. एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच उनके परमाणु प्रोग्राम को लेकर जिनेवा में बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने अपनी मिलिट्री पावर को अचानक बढ़ा दिया है. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले 24 घंटों के भीतर 50 से ज्यादा एडवांस फाइटर जेट्स इस इलाके में तैनात कर दिए हैं. इसमें F-22, F-35 और F-16 जैसे खतरनाक विमान शामिल हैं. फ्लाइट ट्रैकर्स ने भी इन विमानों की हलचल को कन्फर्म किया है.
समंदर में भी घेराबंदी
सिर्फ आसमान ही नहीं, अमेरिका समंदर के रास्ते भी ईरान को घेरने की तैयारी में है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, अमेरिका का सबसे पावरफुल एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS जेराल्ड आर. फोर्ड’ कैरिबियन से निकलकर मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है. इसके साथ तीन मिसाइल डिस्ट्रॉयर (USS माहन, USS बेनब्रिज और USS विंस्टन चर्चिल) भी आ रहे हैं. हालांकि, इसे पहुंचने में अभी एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है. बता दें कि ‘USS अब्राहम लिंकन’ पहले से ही वहां मौजूद है.
ईरानी सुप्रीम लीडर का पलटवार- जहाज डूबने में देर नहीं लगेगी
अमेरिका की इस घेराबंदी पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. तेहरान में एक स्पीच के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर ललकारा. खामनेई ने कहा कि अमेरिका अपनी मिलिट्री पर घमंड न करे, क्योंकि उसे इतनी जोर से चोट लग सकती है कि वह दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका जिस वॉरशिप (जहाज) को भेज रहा है, उससे भी खतरनाक वो हथियार है जो इस जहाज को समंदर की गहराई में पहुंचा सकता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में तनाव और ड्रिल
इसी बीच ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को कुछ समय के लिए बंद कर दिया और वहां लाइव-फायर मिलिट्री ड्रिल शुरू कर दी. ईरानी स्टेट मीडिया के मुताबिक, वहां मिसाइलें भी दागी गईं. आपको बता दें कि दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है. ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो इसका अंजाम पूरी दुनिया को भुगतना पड़ेगा.
क्या बातचीत से निकलेगा रास्ता?
तनाव के बावजूद जिनेवा में डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है. एएनआई और एपी की रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान इस बातचीत में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है. अमेरिकी टीम का नेतृत्व जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस बातचीत को ‘पॉजिटिव’ बताया है और कहा है कि एक नई खिड़की खुली है. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि बातचीत कुछ मामलों में अच्छी रही है, लेकिन अभी भी कई बड़ी शर्तें और मतभेद बाकी हैं.
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