Bangladesh Hindu Lynching Dipu Das: बांग्लादेश में मयमनसिंह के भालुका में पिछले साल मारे गए गारमेंट वर्कर दीपु दास के परिवार को अंतरिम सरकार ने आर्थिक मदद दी है. दीपु दास के परिवार को 25 लाख टका (करीब 18.52 लाख भारतीय रुपये) के सेविंग सर्टिफिकेट मुआवजे के तौर पर दिए गए हैं. ‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के ऑफिस के जरिए यह मदद परिवार तक पहुंचाई गई.
सोमवार को ढाका यूनिवर्सिटी के जगन्नाथ हॉल में एक प्रेस ब्रीफिंग हुई. वहां दीपु दास के परिवार ने पैसा मिलने की बात कंफर्म की और अंतरिम सरकार का शुक्रिया अदा किया. हालांकि, मदद मिलने के बाद भी परिवार के आंसू नहीं सूखे हैं और उन्होंने हत्यारों को सजा दिलाने की अपनी मांग फिर दोहराई है.
क्या हुआ था दीपु दास के साथ?
पिछले साल यानी कि 18 दिसंबर 2025 को पायनियर्स निटवेयर्स लिमिटेड में काम करने वाले दीपु को उनके वर्कप्लेस से उठा लिया गया था. भीड़ ने उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाया और उनकी बेरहमी से लिंचिंग कर दी. ‘बीबीसी’ की रिपोर्ट के अनुसार, दीपु की लाश को ढाका-मयमनसिंह हाईवे पर एक पेड़ से नग्न हालत में लटका दिया गया और उसमें आग लगा दी गई.
जांच में यह बात सामने आई कि दीपु पर लगे आरोप झूठे थे. वे तारकांडा के मोकामियाकांडा गांव के रहने वाले थे. उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला सा चल पड़ा था, जिसे लेकर भारत और बांग्लादेश दोनों देशों में काफी विरोध प्रदर्शन हुए. हालांकि, मोहम्मद यूनुस ने इन हमलों को धार्मिक नहीं बल्कि ‘राजनीतिक’ बताया था.
परिवार की मांग- हमें पैसा नहीं, इंसाफ चाहिए
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, दीपु की मां शेफली रानी दास ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी बहू (दीपु की पत्नी) को कोई सरकारी नौकरी दी जाए ताकि घर चल सके. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है और वे केस की जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. दीपु के पिता रोबी लाल चंद्र दास और उनकी पत्नी मेघना रबिदास ने भी दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है.
प्रधानमंत्री पद के लिए तारिक रहमान आज लेंगे शपथ
बांग्लादेश की राजनीति में आज एक बड़ा मोड़ आने वाला है. मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मुआवजा बांटने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब देश की कमान बीएनपी (BNP) चीफ तारिक रहमान के हाथों में होगी. वे आज शाम 4 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.
चुनाव के नतीजे और खास बातें:
- बीएनपी (BNP): 297 में से 209 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की.
- जमात-ए-इस्लामी: 68 सीटें जीतकर दूसरी बड़ी ताकत बनी.
- अवामी लीग: शेख हसीना की पार्टी को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था.
परंपरा को तोड़ते हुए शपथ ग्रहण समारोह ‘बंगभवन’ के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में होगा. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन नए कैबिनेट को शपथ दिलाएंगे. इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन सभी नए सांसदों को शपथ दिला चुके हैं.
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