इधर मचाडो ट्रंप से मिलीं, उधर डेल्सी ने दिया अपना पहला भाषण, ट्रंप को चुनौती या सरेंडर? वेनेजुएला की राष्ट्रपति क्या बोलीं?
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने अपना पहला स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण दिया. निकोलस मादुरो के सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद वेनेजुएला में रोड्रिगेज के हाथ में सत्ता है. उन्होंने इस दौरान देश के राजनयिकों और सांसदों से तेल क्षेत्रों में सुधारों में सहयोग देने की अपील की. इसी दौरान अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के बीच मुलाकात हुई.
निकोलस मादुरो के गिरफ्तार होने के बाद वेनेजुएला देश की कमान डेल्सी रोड्रिगेज के हाथ में है. वह मादुरो सरकार ने नंबर-2 थीं. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को देश के नाम अपना पहला संदेश दिया. इसमें उन्होंने सरकार के नियंत्रण वाले तेल उद्योग को अधिक विदेशी निवेश के लिए खोलने की वकालत की. कार्यवाहक राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल बिक्री पर नियंत्रण की बात कही है. अमेरिका द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 3 जनवरी को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. इसके लगभग दो हफ्ते बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने पहली बार देश की नई राजनीतिक वास्तविकता के बीच अपना रुख स्पष्ट किया है.
वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल उद्योग के पुनर्गठन में अमेरिका के कार्यक्रम के साथ सहयोग करने का काफी दबाव पड़ रहा है. इसी दरमियान रोड्रिगेज ने अपने पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में कहा कि ‘वेनेजुएला में एक नई नीति बन रही है.’ उन्होंने देश के राजनयिकों से आग्रह किया कि वे इस बदलाव के बारे में विदेशी निवेशकों को सूचित करें. सांसदों से आग्रह किया कि वे तेल क्षेत्र में सुधारों को मंजूरी दें, जिससे विदेशी कंपनियों को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार तक पहुंच सुनिश्चित हो सके.
रोड्रिगेज ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेल बिक्री से प्राप्त धन राष्ट्रीय बजट में जाएगा. इसका उपयोग संकट से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा खराब होते बुनियादी ढांचे की मरम्मत में किया जाएगा. अधिकांश बुनियादी ढांचा पहले के नेता ह्यूगो शावे के शासनकाल में बनाया गया था और हाल के वर्षों में उपेक्षित रहा है. आज हालात यह हैं कि देश के अस्पताल इतने बदहाल हैं कि मरीजों से इलाज के लिए आवश्यक सामान सिरिंज से लेकर सर्जिकल स्क्रू तक खुद लाने को कहा जाता है.
रोड्रिगेज का भाषण पहले के नेताओं के उलट रहा
उनके यह बयान ऐसे समय आए हैं, जब अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो को गिरफ्तार कर उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिका ने कहा है कि वह वेनेजुएला के तेल राजस्व को नियंत्रित करेगा ताकि इसका वेनेजुएला के लोगों के हित में उपयोग हो सके, न कि भ्रष्टाचार या अन्य कारकों में. डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका द्वारा निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की खुलकर निंदा की. उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों पर एक धब्बा करार दिया. उन्होंने ऐतिहासिक शत्रुओं के बीच कूटनीतिक संबंधों को फिर से शुरू करने का भी समर्थन किया. उनका भाषण 44 मिनट का था और जिसका सुर सुलह-समझौते वाला था. यह उनके पहले के नेताओं के अमेरिका विरोधी से काफी अलग था. वे घंटों लंबे भाषण देते थे और अमेरिका को लताड़ते रहते थे.
भाषण में नरमी वाशिंगटन से संबंध सुधारने वाली टोन
डेल्सी रोड्रिगेज के भाषण के दौरान उनके पास मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तस्वीर लगी हुई थी. उन्होंने अमेरिकी सरकार से मादुरो की गरिमा का सम्मान करने की अपील की, जो न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन की जेल में ड्रग तस्करी के आरोपों में खुद को निर्दोष बताते हुए बंद हैं. उन्होंने खुद को वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षक के रूप में पेश किया. उनके भाषण से ऐसा लगा कि देश तेजी से अमेरिका के करीब आता दिख रहा है. उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि अगर एक दिन, कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में, उन्हें वॉशिंगटन जाना पड़ा, तो वे खड़े होकर जाएंगी, पैदल चलकर, घसीटकर नहीं. उन्होंने कहा, “मैं सिर ऊंचा करके जाऊंगी… कभी रेंगते हुए नहीं.”
उधर ट्रंप से मिल रहीं थीं मचाडो
इससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार मादुरो के शासन के दौरान हिरासत में लिए गए कैदियों को रिहा करना जारी रखेगी. उन्होंने ये भाषण ऐसे वक्त में दिए हैं जब वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक दिया. बंद कमरे में हुई ढाई घंटे की बैठक के बाद मचाडो ने ‘व्हाइट हाउस’ के गेट के पास उनका इंतजार कर रहे दर्जनों समर्थकों का अभिवादन किया. उन्होंने विस्तार से कोई बात बताए बिना कहा कि ‘हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते है.’ इस पर कुछ लोगों ने ‘धन्यवाद, ट्रंप’ का नारा लगाया.
जनता में अब भी अमेरिका के प्रति गुस्सा
मचाडो की इस मुलाकात को वेनेजुएला में कोई मीडिया कवरेज नहीं मिला. देश का सरकारी टीवी अब भी सरकार समर्थक तस्वीरें लगातार दिखा रहा है, जिनमें ईरान और रूस के अधिकारियों के अमेरिका की आक्रामकता की निंदा करने वाले बयान और मादुरो की वापसी की मांग करते हुए आयोजित सरकारी रैलियों का व्यापक प्रसारण शामिल है. वहीं वेनेजुएला में अब भी जनता अमेरिका विरोध में भी ही है. गुरुवार को शिक्षकों की भीड़ राजधानी कराकास की सड़कों पर उतरी, जिन्होंने अमेरिका पर मादुरो के अपहरण का आरोप लगाते हुए पोस्टर उठाए और सरकार के समर्थन में नारे लगाए.
दंगा-रोधी साजो-सामान पहने राष्ट्रीय पुलिस हर जगह तैनात थी. शहर की दीवारों पर सरकार समर्थक ग्रैफिटी लिखी थी, ‘संदेह करना विश्वासघात है.’ इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, तुलाने विश्वविद्यालय के वेनेजुएला विशेषज्ञ डेविड स्मिल्डे ने इस पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की वर्तमान सत्ता ने वही अमेरिका-विरोधी भाषा बनाए रखी है, लेकिन उसे कुछ नरम कर दिया है. उनका विचार है कि आर्थिक रूप से ट्रंप को वह सब दे दिया जाए जो वह चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से रास्ता न बदला जाए.
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय कराकास की सड़कों पर आम लोग अपने विचार साझा करने से बचते नजर आए. क्योंकि मादुरो की सुरक्षा व्यवस्था अब भी बरकरार है. लोग सरकारी प्रतिशोध से डरते हैं. कुछ लोग इस अजीब नई स्थिति को लेकर बस असमंजस में हैं. उन्हें ऐसा लगता है कि फैसले अब अमेरिका ले रहा है. 28 वर्षीय संगीत निर्माता पाब्लो रोजास के अनुसार, वे ट्रंप और मचाडो की मुलाकात पर करीबी नजर रखे हुए हैं. क्या उन्हें नेतृत्व की भूमिका मिलेगी? यह जानना नामुमकिन है कि आगे क्या होगा.
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