India Preparing to Attack Pakistan: पाकिस्तान इस समय अफगानिस्तान के साथ एक युद्ध जैसे हालात में है, लेकिन उसे भारत का डर सता रहा है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि इंडिया पाकिस्तान पर एक और अटैक करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, उन्होंने बातचीत की टेबल पर बैठने की अपील की है. लेकिन उन्होंने बाद में चेतावनी भरे अंदाज में यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान टकराव के लिए तैयार है. भारत ने पिछले साल पहलगाम टेरर अटैक, जिसमें 26 मासूम भारतीय मारे गए थे, के बाद पाकिस्तान के ऊपर ऑपरेशन सिंदूर किया था. इस 4 दिन की झड़प में उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा था. हालांकि, पाकिस्तान की रिक्वेस्ट के बाद भारत ने सीजफायर का ऐलान किया था.
पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए जरदारी ने भारत की ओर सैन्य चेतावनियों से भरे कई उत्तेजक बयान दिए, लेकिन साथ ही कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की मेज पर लौटने की भी अपील की. जरदारी ने कहा, ‘भारत के नेता कह रहे हैं कि वे एक और युद्ध की तैयारी कर रहे हैं. क्षेत्रीय शांति का आजीवन समर्थक होने के नाते मैं इसकी सिफारिश नहीं करूंगा. मेरा संदेश (भारत को) है कि युद्ध के माहौल से हटकर सार्थक वार्ता की मेज पर आएं, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा का यही एकमात्र रास्ता है.
गीदड़भभकी और फिर कश्मीर का समर्थन
अपने संबोधन के दौरान जरदारी ने पाकिस्तान को एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश की, लेकिन साथ ही संघर्ष के परिणामों को लेकर भारत को गीदड़भभकी देने की भी कोशिश की. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु देश है और उस जिम्मेदारी के महत्व को समझता है. साथ ही, हम ऐसा देश हैं जो आवश्यकता पड़ने पर अपनी रक्षा करता है.’ अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा. उनके अनुसार, जब तक कश्मीर के लोगों को आजादी नहीं मिल जाती, इस क्षेत्र में सुरक्षा और शांति नहीं आ सकती.
जल सिंधु निलंबन पर भी किया कमेंट
अपने संबोधन के दौरान जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले की भी आलोचना की. उन्होंने इसे ‘साफ-साफ जल-आतंकवाद’ बताया और आरोप लगाया कि भारत सरकार पानी के प्रवाह को राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रही है. नई दिल्ली ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ही पाकिस्तान के लिए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके बाद भारत ने अपने हिस्से के पानी का इस्तेमाल करने के लिए डैम और अन्य प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में तेजी लाई है.
ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान धुआं–धुआं, अफगानिस्तान ने नूर खान एयरबेस को किया टारगेट
भाषण के दौरान होती रही नारेबाजी
राष्ट्रपति के रूप में संसद के संयुक्त अधिवेशन को जरदारी का यह नौवां संबोधन था. उनके भाषण के दौरान पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पीटीआई के सांसदों ने जोरदार हंगामा और नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई. विरोध कर रहे सदस्यों ने ‘गो जरदारी गो’ और ‘खान को रिहा करो’ जैसे नारे लगाए. वे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रिहा करने के नारे लगा रहे थे. पाकिस्तान के पीस बोर्ड में भागीदारी पर भी लगातार आपत्तियां जताई जाती रहीं. प्रदर्शन के दौरान ‘जाली पीस बोर्ड छोड़ो’ जैसे नारे लगाए गए. दरअसल, पाकिस्तान की जनता फिलिस्तीन मुद्दे पर इजरायल के रुख को लेकर पहले से ही नाराज है.
ये भी पढ़ें:- फ्रांस बढ़ाएगा परमाणु हथियार, मैक्रों ने नई न्यूक्लियर नीति का किया ऐलान, US से मिले झटके बाद लिया फैसला
अस्थिर पाकिस्तान हालातों से निपटने की कर रहा कोशिश
पाकिस्तान अक्सर बातचीत की अपील के साथ भारत को लेकर आक्रामक बयानबाजी भी करता है. ऐसे बयान अक्सर पाकिस्तान के भीतर की अस्थिरता और सुरक्षा समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए दिए जाते हैं. इस्लामाबाद इस समय गंभीर घरेलू और क्षेत्रीय चुनौतियों से जूझ रहा है. एक ओर वह अफगानिस्तान के साथ क्षेत्रीय संघर्ष में उलझा हुआ है, वहीं दूसरी ओर ईरान में बदले हालातों के बाद देश के अंदर शिया आबादी ने अमेरिकी एंबेसी और यूएन ऑफिसेज को निशाना बनाया है. इसको दबाने के लिए पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की है, जिनमें अलग-अलग रिपोर्ट्स में 22-33 लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट्स हैं.
