पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने अफगान सीमा के पास एक ऑपरेशन चलाया. पहले जमीन पर ऑपरेशन किया गया, फिर आतंकियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किये गये. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, इस कार्रवाई में 29 अफगान लड़ाकों के मारे जाने की खबर है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यह ऑपरेशन देशभर में हुए कई आतंकी हमलों के जवाब में शुरू किया गया. उनके मुताबिक, सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके ठिकानों को निशाना बनाया.
अफगान तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने दावा किया है कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों में कम से कम 36 आम नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 163 अन्य लोग घायल हुए हैं. हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से इन आंकड़ों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
कराची में हुआ था हमला
हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर कराची में रीजनल हेड क्वार्टर और पैरामिलिट्री रेंजर्स को निशाना बनाया था. यह खबर रविवार सुबह यानी 28 जून की सुबह आई. इस हमले में तीन सैनिकों की मौत हो गई थी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया. सेना ने उसकी पहचान अफगान नागरिक के रूप में की है.
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शनिवार (27 जून) रात जारी एक बयान में जमात-उल-अहरार ने कराची हमले की जिम्मेदारी ली. यह संगठन पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) से अलग हुआ एक धड़ा माना जाता है. पहले भी कई बड़े आतंकी हमलों में इसका नाम सामने आ चुका है.
सीमा पर हुई झड़पों में सैकड़ों लोगों की गई जान
इस साल (2026) फरवरी से अब तक पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हुई झड़पों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. यह तनाव तब और बढ़ गया था, जब पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी. अप्रैल में चीन ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई थी. इसके बाद बीजिंग ने कहा था कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने तनाव नहीं बढ़ाने और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर सहमति जताई है.
