Nobel Prize 2024: कौन हैं विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन ? माइक्रो आरएनए की खोज के लिए मिला नोबेल पुरस्कार

Nobel Prize 2024: विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को सोमवार को फिजियोलॉजी या मेडिसिन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

Nobel Prize 2024: फिजियोलॉजी या मेडिसिन में 2024 का नोबेल पुरस्कार विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को माइक्रोआरएनए की खोज और पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन विनियमन में इसकी भूमिका के लिए दिया गया है. इसके साथ ही नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का छह-दिवसीय कार्यक्रम स्टॉकहोम के ‘कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट’ में शुरू हो गया.

पिछले साल फिजियोलॉजी या चिकित्सा के क्षेत्र में कैटालिन कारिको और ड्रू वीसमैन को दिया गया था नोबेल

पिछले वर्ष, ‘फिजियोलॉजी’ या चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार हंगेरियाई-अमेरिकी नागरिक कैटालिन कारिको और अमेरिकी नागरिक ड्रू वीसमैन को उन खोजों के लिए दिया गया था, जिन्होंने कोविड-19 के खिलाफ एमआरएनए टीके विकसित करने में मदद की.

चिकित्सा क्षेत्र में कुल 227 विजेताओं को 114 बार नोबेल पुरस्कार दिया गया

चिकित्सा क्षेत्र में कुल 227 विजेताओं को 114 बार नोबेल पुरस्कार दिया गया है. केवल 13 महिलाओं को यह पुरस्कार मिला है. यह पुरस्कार जीतने वाले को एक करोड़ 10 लाख स्वीडिश क्रोना (करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर) दिए जाते हैं. यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है. पुरस्कार विजेताओं को नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को आयोजित समारोह में पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया जाता है.

मंगलवार को भौतिकी के लिए दिया जाएगा नोबेल पुरस्कार

मंगलवार को भौतिकी, बुधवार को रसायन विज्ञान और बृहस्पतिवार को साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वालों की घोषणा की जाएगी। शांति के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को और अर्थशास्त्र के लिए यह घोषणा 14 अक्टूबर को की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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