Israel free to act on Lebanon: इजरायल अपनी सुरक्षा नीति में किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है. इसी मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई. इसमें लेबनान और ईरान दोनों मुद्दों पर चर्चा हुई. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर तेजी से चल रही बातचीत के बीच यह एक बड़ा अपडेट है. ट्रंप से फोन पर बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि इजरायल लेबनान समेत हर मोर्चे पर अपनी सुरक्षा कार्रवाई जारी रखने के लिए स्वतंत्र रहेगा.
i24NEWS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि इजरायल अपने खिलाफ किसी भी खतरे पर कार्रवाई करने की आजादी बनाए रखेगा. इसमें लेबनान भी शामिल है, जहां इजरायली सेना ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान चला रही है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप ने भी इस रुख का समर्थन किया.
रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने यह साफ कर दिया कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने और ईरानी क्षेत्र से सभी एनरिच्ड यूरेनियम को हटाने की अपनी मांग पर वे बातचीत में अडिग रहेंगे. इन शर्तों के माने बिना वे किसी भी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. प्रधानमंत्री ने इजरायल की सुरक्षा के प्रति ट्रंप की सराहना की. इसे उन्होंने ‘लंबे समय से चली आ रही और असाधारण प्रतिबद्धता’ बताया. बातचीत के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि नेतन्याहू के साथ उनकी बातचीत ‘बेहद अच्छी’ रही.
नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत का किया खुलासा
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी बताया कि उन्होंने ट्रंप के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने से जुड़े समझौते पर चर्चा की है. नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘मैंने बीती रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए हुए समझौता ज्ञापन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली आगामी वार्ताओं को लेकर बात की. मैंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ और ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरानी खतरे के खिलाफ मिलकर काम किया था.
होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर बन रहा समझौता
इस बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है. इस समझौते का मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना है, जो फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से लगभग बंद पड़ा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है और इसके बंद रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से इस दिशा में प्रगति हो रही है, जिससे युद्ध खत्म होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
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ड्राफ्ट में क्या-क्या शर्तें शामिल?
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, प्रस्तावित मसौदे में कहा गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान या उसके सहयोगी गुटों पर हमला नहीं करेंगे. इसके बदले ईरान भी उनके खिलाफ पहले हमला न करने का वादा करेगा. हालांकि, इजरायल के भीतर इस संभावित समझौते को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं. इजरायल के प्रमुख नेता बेनी गैंट्ज ने कहा कि अगर ईरान समझौते के हिस्से के रूप में लेबनान में युद्धविराम लागू किया जाता है, तो यह इजरायल के लिए रणनीतिक गलती होगी.
