होर्मुज स्ट्रेट पर डोनाल्ड ट्रंप को झटका, इन देशों ने दिखाया ठेंगा

Hormuz Strait Crisis Diplomacy: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति को बड़ा झटका लगा है. मित्र राष्ट्रों (चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन) ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुलवाने के लिए जंगी जहाज भेजने की ट्रंप की मांग को ठुकरा दिया है.

Hormuz Strait Crisis Diplomacy: होर्मुज पर ट्रंप की रणनीति को झटका देते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने कहा- ब्रिटेन समुद्री मार्ग खोलने के लिए सहयोगियों के साथ काम तो करेगा, लेकिन वह किसी युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा. उन्होंने संकेत दिया कि ब्रिटेन द्वारा युद्धपोत भेजे जाने की संभावना नहीं है. यह पहली बार नहीं है जब स्टार्मर ने सख्त रुख अपनाया हो. इससे पहले भी उन्होंने ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

चीन ने ट्रंप से कर दी युद्ध रोकने की डिमांड

चीन ने न केवल ट्रंप की योजना से दूरी बनाई, बल्कि ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव को तुरंत खत्म करने की मांग की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा- चीन एक बार फिर सभी पक्षों से सैन्य अभियानों को तत्काल रोकने का आह्वान करता है, ताकि तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके.

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर मित्र देशों से क्या डिमांड की थी

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिशों के बीच ट्रंप चाहते थे कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश अपनी नौसेना तैनात करें. ट्रंप का तर्क है कि चूंकि इन देशों का व्यापार इस मार्ग पर निर्भर है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी इन्हीं देशों की होनी चाहिए.

जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने भी किया इनकार

जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने भी ट्रंप से साफ कह दिया है कि होर्मुज में उन्होंने जंगी जहाज भेजने का कोई फैसला नहीं किया है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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