क्वीन ऑफ केजीबी! लाल बालों वाली रशियन जासूस, जिसे अमेरिका ने धर दबोचा, लेकिन पुतिन ने ‘ब्लैक विडो’ को ऐसे बचा लिया

Anna Chapman Russian Spy: अपनी अदाओं के जरिए ब्लैक विडो के नाम से फेमस ऐना चैपमैन ने रूस के लिए ढेरों जासूसी कामों को अंजाम दिया. अमेरिका में रियल स्टेट एजेंट बनकर लगभग 10 बार खुफिया जानकारी रूस पहुंचाई. लाल बालों और जासूसी कामों की वजह से उन्हें ब्लैक विडो नाम दिया गया.

Anna Chapman Russian Spy: जासूसी की दुनिया किसी भी रहस्य से कम नहीं होती. ऐसे एजेंट जो अपनी पहचान छिपाकर, खतरे की परवाह किए बिना दुश्मन देशों के बीच जाकर गोपनीय मिशन पूरे करते हैं. साम्राज्य के इतिहास के साथ ही यह विधा चल निकली थी. भारत में तो विषकन्याएं प्राचीन काल में काफी प्रसिद्ध थीं. समय बदला, लेकिन राज जानने के लिए महिलाओं का प्रयोग नहीं बदला. माना जाता है कि आज इस जासूसी के खेल में इजरायल की मोसाद और रूस की केजीबी का कोई सानी नहीं है. रूस के पास ऐसी ही एक क्वीन ऑफ केजीबी है, जिसने अमेरिका में तहलका मचा दिया था. दुनिया में उसे ब्लैक विडो के नाम से जाना गया. लाल बालों वाली इस बला का असली नाम ऐन्ना चैपमैन या ऐना रोमानोव है. उसने अपनी पहचान छुपाकर पुतिन के लिए ब्रिटेन और यूएस में कई हाई-प्रोफाइल और जोखिम भरे ऑपरेशन अंजाम दिए. हालांकि ये जासूस कभी न कभी गिरफ्त में भी आ जाते हैं. इसी तरह ऐना भी पकड़ी गई, लेकिन पुतिन ने मात्र 11 दिन में उसे छुड़ा लिया.  

ऐना चैपमैन के जीवन की शुरुआत लंदन में हुई. वह ब्रिटिश नागरिक थीं. अपनी आकर्षक शैली और मिलनसार स्वभाव के कारण उन्होंने राजनेताओं, कारोबारियों और ओलिगार्क्स तक पहुंच बना ली थी. उनकी कहानी ने को कई लोगों को मार्वल कॉमिक्स की ‘ब्लैक विडो’ जैसा बताया. इसी दौरान एक रूसी एजेंट ने उनकी नेटवर्किंग क्षमता को देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया. उन्होंने एलेक्स चैपमैन से शादी की और ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली. हालांकि यह रिश्ता भी उतनी ही नाटकीयता के साथ खत्म हुआ जितनी तेजी से शुरू हुआ था. खैर यह जानने का विषय नहीं है.

अमेरिका में चलाया खुफिया तंत्र

अपनी अदाओं के जरिए ब्लैक विडो ने रूस के लिए ढेरों जासूसी कामों को अंजाम दिया. लेकिन ऐना का असली मिशन अमेरिका में चला. चैपमैन 2009 में अमेरिका रवाना हुईं. 2009 में जब चैपमैन मैनहट्टन आईं, तो उन्होंने अपने दोस्तों से कहा कि वह रियल एस्टेट में काम करती हैं. चैपमैन की कहानी एक जासूसी उपन्यास जैसी है और कुछ समय के लिए वह वास्तव में ऐसा ही था. बाद में एफबीआई ने खुलासा किया कि वह अपने लैपटॉप से गुप्त वायरलेस नेटवर्क बनाकर रूसी अधिकारियों से संपर्क करती थीं. कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तारी से पहले उन्होंने ऐसा लगभग दस बार किया था.

आखिरकार पकड़ी गईं ऐना चैपमैन

2010 में एफबीआई ने ऑपरेशन घोस्ट स्टोरीज के तहत न्यूयॉर्क में एक अभियान चलाया. ऐना को ढूंढना बिल्कुल भी आसान नहीं था. लेकिन आखिरकार लाल बालों वाली इस खूबसूरत जासूस को एक रूसी स्लीपर सेल के साथ गिरफ्तार किया. लगभग दस वर्षों की जांच में अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे गुप्त रूसी एजेंटों का नेटवर्क उजागर हुआ. 27 जून 2010 को चैपमैन और अन्य नौ एजेंट गिरफ्तार किए गए. 11 दिन बाद, सभी ने रूसी संघ के अवैध एजेंट के रूप में काम करने की साजिश रचने का दोष स्वीकार कर लिया. 

पुतिन ने कराया वापसी का प्रबंध

इस स्वीकारोक्ति के बाद रूस ने ऐना से मुंह नहीं मोड़ा. उसने अमेरिका के साथ हाई-प्रोफाइल स्पाई स्वैप किया. इसके तहत अमेरिका ने रूस के 11 जासूसों को छोड़ा और रूस ने पश्चिमी देशों के लिए काम करने वाले 4 खुफिया लोगों को आजाद किया. इन्हीं में से एक थे सेर्गेई स्क्रिपाल थे, जिन्हें बाद में ब्रिटेन के सालिसबरी में जहर दिया गया. इसके लिए क्रेमलिन पर आरोप लगा था.

रूस लौटीं तो भी जलवा रहा बरकरार

ऐना चैपमैन 2010 में रूस पहुंची, तो वहां भी उनका जलवा कायम रहा. उन्होंने पहले खुद को व्यवसायी के रूप में स्थापित किया, फिर टीवी प्रजेंटर के रूप में काम किया और फिर मॉडलिंग में करियर अपनाया, लेकिन फिर वे कुछ दिन गायब रहीं. 2020 में वे फिर लौटीं और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी बनीं. पुतिन की समर्थक के रूप में उन्होंने कई राष्ट्रवादी अभियानों में भी हिस्सा लिया. बाद में वह एक बेटे की मां भी बनीं. 43 वर्ष की चैपमैन अब अन्ना रोमानोवा नाम से भी जानी जाती हैं. वह अपने प्लेटफॉर्म पर पारंपरिक रूसी मूल्यों को बढ़ावा देने वाली वीडियोज डालकर रूसी देशभक्ति जगाती हैं. 

रोमानोव ने लिखी अपनी किताब

ऐना रोमानोव ने 2023 में अपने जासूसी करियर और गुप्त मिशनों के अनुभवों पर एक किताब भी लिखी. अपनी आत्मकथा BondiAnna. To Russia with Love में उन्होंने खुद को एक वास्तविक महिला “007” के रूप में पेश किया है. उन्होंने अपनी किताब में जिक्र किया है कि एक रूसी गद्दार ने उनकी पोल खोल दी थी, जिसके कारण वे पकड़ी गई थीं. 

अपनी अदाओं से हासिल की थीं नौकरियां

उन्होंने लिखा, “मुझे पता था कि मेरा पुरुषों पर क्या असर होता है. प्रकृति ने मुझे यह सब उदारता से दिया था, पतली कमर, भरा हुआ शरीर और लाल बालों की लहरदार लटें. मुझे बस इसे उभारना होता था, साधारण लेकिन आकर्षक कपड़ों, हल्के मेकअप और सहज अंदाज के साथ. सबसे जरूरी बात, मैं दूसरों को खुश करने की कोशिश नहीं करती थी. और यह जादू की तरह काम करता था.” उनकी किताब में लग्जरी ट्रिप्स, भव्य पार्टियों और प्रभावशाली लोगों से मुलाकातों का जिक्र है. एक प्रसंग में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने लंदन के एक हेज फंड में नौकरी स्ट्रिप पोकर जीतकर हासिल कर ली.

रूसी खुफिया संग्रहालय की प्रमुख बनीं ऐना रोमानोव

हालांकि अब ये सब पुराने दिनों की बात हो गई. वे बीते दिनों फिर से चर्चा में आईं. उन्हें रूसी खुफिया संग्रहालय (Museum of Russian Intelligence) की प्रमुख बनाया गया है. यह संग्रहालय सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेशी जासूसी एजेंसी एसवीआर (SVR) से जुड़ा हुआ है और इसकी पंजीकरण स्थान मॉस्को के गोर्की पार्क के पास एसवीआर के प्रेस ऑफिस में किया गया है. यह रूस की जासूसी गतिविधियों के इतिहास और उनकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने की योजना बना रहा है. पुतिन के करीबी और एसवीआर प्रमुख सर्गेई नारिश्किन की देखरेख में यह संग्रहालय रूसी जासूसों की विरासत का सम्मान करेगा.

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