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नागरिकता संशोधन पर देश भर में क्या-क्या हो रहा है?

Updated at : 16 Dec 2019 10:46 PM (IST)
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नागरिकता संशोधन पर देश भर में क्या-क्या हो रहा है?

<figure> <img alt="असम में प्रदर्शन" src="https://c.files.bbci.co.uk/4899/production/_110158581_d602a0a2-5e7e-4609-8511-a74510f8dc1e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद से धरना प्रदर्शनों का दौर देश के कई हिस्सों में जारी है. जामिया में छात्रों की पिटाई के मामले पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा. यूनिवर्सिटी को पांच जनवरी तक बंद कर दिया गया है.</p><p><strong>जामिया मिलिया इस्लामिया</strong>दक्षिण […]

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<figure> <img alt="असम में प्रदर्शन" src="https://c.files.bbci.co.uk/4899/production/_110158581_d602a0a2-5e7e-4609-8511-a74510f8dc1e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद से धरना प्रदर्शनों का दौर देश के कई हिस्सों में जारी है. जामिया में छात्रों की पिटाई के मामले पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा. यूनिवर्सिटी को पांच जनवरी तक बंद कर दिया गया है.</p><p><strong>जामिया मिलिया इस्लामिया</strong>दक्षिण पूर्व दिल्ली के जामिया कैम्पस में रविवार की रात काफ़ी हंगामा रहा. जामिया यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने कहा कि पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमति या सहमति के घुसी थी. इससे पहले जामिया से लगे इलाके में प्रदर्शनकारियों ने बसों को आग लगा दी थी. इसके बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर आँसू गैस के गोले दागे. ऐसे कई वीडियो वारयल हो रहे हैं जिसमें पुलिस छात्रों को लाठियों से पीटती हुई दिख रही है. पुलिस ने कैम्पस से लगभग 50 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था. दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर देर रात एक बड़ा प्रदर्शन हुआ जिसके बाद गिरफ़्तार लोगों को रिहा कर दिया गया. जामिया परिसर में तनाव बना हुआ है.</p><p><strong>अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी</strong>उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को खाली कराया जा रहा है, सभी छात्रों को आज ही उनके घर भेजा जा रहा है. यूनिवर्सिटी को पांच जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है लेकिन वहां हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अपने घर जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल छात्रों के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने पुष्टि की है कि 15 छात्र हिरासत में हैं.</p><figure> <img alt="जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र" src="https://c.files.bbci.co.uk/11B2F/production/_110159427_5a03c38b-9612-4890-898e-5742335043e6.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><p><strong>असम में तनाव और राजनीति</strong>असम देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सबसे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. पुलिस की गोलियों से असम में मरने वाले लोगों की संख्या चार हो गई है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी है. नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की अगुआई ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) कर रही है. सत्ताधारी एनडीए का हिस्सा रहे असम गण परिषद ने नए कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है जबकि उसने संसद में इसका समर्थन किया था.</p><p><strong>लखनऊ में टकराव</strong>लखनऊ में दारूल उलूम नदवा-तुल-उलेमा के छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के वीडियो सामने आए हैं, इस वीडियो में दो सौ से अधिक छात्रों और पुलिस के बीच पत्थरबाज़ी की घटना की खबर आ रही है. </p><p><strong>पश्चिम बंगाल</strong><strong> में रैली</strong>मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने राजधानी कोलकाता में सोमवार को कैब के ख़िलाफ़ एक रैली कर रही हैं. पश्चिम बंगाल में कई जगहों से आगजनी और तोड़-फोड़ की खबरें भी शनिवार और रविवार को आती रहीं. ममता बैनर्जी ने कहा है कि वे राज्य में कैब को लागू नहीं होने देंगी. </p><p><strong>तमिलनाडु में प्रदर्शन</strong>तमिलनाडु में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) से जुड़े छात्र संगठन एसएफ़आई ने राज्य में कैब के ख़िलाफ़ सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.</p><p><strong>हैदराबाद</strong>मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं, छात्र परीक्षा का बहिष्कार कर रहे हैं. </p><p><strong>पटना</strong><strong> में प्रदर्शन</strong>पटना के करगिल चौक पर उग्र प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने एक पुलिस चौकी पर आग लगा दी. उग्र प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं. प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया.</p><p><strong>केरल</strong><strong> </strong>राज्य के गवर्नर आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कहा है कि कैब का विरोध करने वालों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. दूसरी तरफ़, राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि यह बिल असंवैधानिक है और राज्य सरकार इसे लागू नहीं करेगी.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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