एक दौर था जब दरभंगा जिले के मोहम्मदपुर में खादी ग्रोमोद्योग भवन की स्थापना की गयी. बड़ी संख्या में लोग यहां काम करते थे. गुजर-बसर करते थे. महिला-पुरुष सभी काम में लगे थे. सैकड़ों लोगों को सूत काटने का काम मिला था और आज भवन खंडहर बन चुका है. भवन की हालत इतनी जर्जर है कि खिड़कियां, दरवाजे और छप्पर तक टूट चुके हैं. जिस हॉल में कभी ग्रामीण सूत कातते थे, वो कबाड़खाने में तब्दील हो गया है. जहां सूत का स्टॉक होता था. कपड़ों की रंगाई-छपाई होती थी वहां घास-फूस उग आए हैं. देखिए हमारी खास पेशकश.
दरभंगा जिले के मोहम्मदपुर में सपनों में सिमटा खादी ग्रामोद्योग का भवन
एक दौर था जब दरभंगा जिले के मोहम्मदपुर में खादी ग्रोमोद्योग भवन की स्थापना की गयी. बड़ी संख्या में लोग यहां काम करते थे. गुजर-बसर करते थे. महिला-पुरुष सभी काम में लगे थे. सैकड़ों लोगों को सूत काटने का काम मिला था और आज भवन खंडहर बन चुका है.
