अलीगढ़: IAS बन अपने गांव पहुंची सुषमा सागर का हुआ जोरदार स्वागत, ढोल -नगाड़ों की थाप पर जम कर झूमे गांव के लोग

UPSC पास कर IAS बनीं सुषमा सागर शुक्रवार को अपने पैतृक गांव अलीगढ़ के बेसवां में पहुंंची. सुषमा सागर के बेसवां पहुंचने पर जश्न का माहौल दिखा. स्थानीय लोगों ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और एक दूसरे को मिठाइयां खिलाई.

अलीगढ़. नौकरी के साथ आईएएस की तैयारी कर 733 रैंक लाने वाली सुषमा सागर शुक्रवार को अपने पैतृक गांव अलीगढ़ के बेसवां में पहुंंची. सुषमा सागर के बेसवां पहुंचने पर जश्न का माहौल दिखा. स्थानीय लोगों ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और एक दूसरे को मिठाइयां खिलाई. इस दौरान परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था. महिलाओं ने ढोल – नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस किया. इस दौरान सुषमा सागर ने परिवार के साथ मिलकर सम्मान समारोह में पहुंचकर संविधान के रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और गौतम बुध्द की फोटो पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और आशीर्वाद लिया. वहीं बेसवा क्षेत्र में फूल – माला, पगड़ी पहनाकर जुलूस निकालकर भ्रमण किया और क्षेत्र के लोगों का आशीर्वाद लिया . क्षेत्रीय लोगों और महिलाओं ने फूल मालाएं और गले मिलकर बधाई दी .

तीसरे प्रयास में हुआ सिलेक्शन

सुषमा ने शुरुआती शिक्षा दयालबाग के प्रेम विद्यालय से हासिल की. इसके बाद उन्होंने बीएससी में ग्रेजुएशन किया. अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी होने के बाद सुषमा सागर ने सिविल सेवा में जाने का मन बनाया था और दिल्ली पहंच कर इसकी तैयारी की. दिल्ली में रहकर दो साल कड़ी मेहनत की. 2018 में यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की. जिसके बाद वह पीसीएस अधिकारी बन गई. हालांकि सिलेक्शन के बाद भी उन्होंने UPSE की तैयारी नहीं छोड़ी. सुषमा सागर ने 2019 में यूपीएससी सिविल सेवा दिया था. जिसमें उन्होंने प्रीलिम्स और मेंस की परीक्षा पास कर ली थी. लेकिन पीछे इंटरव्यू में रह गई थी. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और नौकरी के साथ तैयारी जारी रखीं.

सुषमा सागर को मिली 733वीं रैंक

2019 के बाद यूपीएससी की परीक्षा में फेल हो गई थी, फिर उन्होंने खुद को तीसरे प्रयास के लिए तैयार किया और कड़ी मेहनत की. 2022 की परीक्षा का जब परिणाम आया तो सुषमा सागर ने 733 वीं रैंक के साथ सिविल सेवा परीक्षा पास किया. सुषमा बताती है कि नौकरी के साथ प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तैयारी करती थी. नौकरी के समय में उन्हें जो समय मिलता था. वह उसका प्रयोग अपनी पढ़ाई में किया करती थी. समय का सदुपयोग कर ही खुद को यूपीएससी अधिकारी के रूप में बदला है. सुषमा सागर इस समय जीएसटी में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात है. पहले अटैम्प में ही सुषमा ने पीसीएस क्वालीफाई किया था. सुषमा ने बताया कि जॉब के साथ ही यूपीएससी की पढ़ाई की थी.

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गांव में खुशी का माहौल

सुषमा ने युवाओं को मैसेज देते हुए कहा कि आपकी रुचि जिस क्षेत्र में है और लक्ष्य बनाना है, उसी क्षेत्र पर फोकस करिए. मेहनत करिए. जिससे परिवार और समाज का नाम रोशन हो. उन्होंने बताया कि बेसवां मेरे दादा जी का गांव है और बचपन यही बीता है. इसलिए यहां से लगाव है. लोग यहां प्यार और सम्मान दे रहे हैं. जिससे बहुत अच्छा लग रहा है . वहीं सुषमा सागर के पिता रमेश चंद्र सागर ने बताया कि बेटी ने परिवार और समाज का नाम रोशन किया है. सुषमा के पिता न्याय विभाग में अर्दली के पद पर हैं. उन्होंने बताया कि युवा लोग बेटी से प्रेरणा लें और अपना भविष्य बनाएं .

रिपोर्ट- आलोक सिंह अलीगढ़

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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