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Sunday, March 3, 2024

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GPAI Summit 2023: AI को लेकर घोषणापत्र पर सहमति बनने की उम्मीद, अश्विनी वैष्णव ने कही यह बात

GPAI शिखर सम्मेलन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि शिखर सम्मेलन में नयी प्रौद्योगिकी और एआई के अवसरों तथा जोखिम से निपटने पर आम सहमति आधारित घोषणा दस्तावेज पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा.

Global Partnership on Artificial Intelligence, GPAI Summit : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister of Electronics and Information Technology, Ashwini Vaishnav) ने कहा कि आगामी ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, जीपीएआई शिखर सम्मेलन (Global Partnership on Artificial Intelligence, GPAI Summit) में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर के लिए भारत सदस्य देशों से बातचीत कर रहा है. यह शिखर सम्मेलन 12 से 14 दिसंबर तक नयी दिल्ली में प्रगति मैदान के भारत मंडपम (GPAI Summit Venue) में आयोजित किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही घोषणापत्र (GPAI Manifesto) पर आम सहमति बन जाएगी.

नयी प्रौद्योगिकी और एआई के अवसरों पर चर्चा

ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि शिखर सम्मेलन में नयी प्रौद्योगिकी और एआई के अवसरों तथा जोखिम से निपटने पर आम सहमति आधारित घोषणा दस्तावेज पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा.

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एआई पर नियंत्रण जरूरी

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) को लेकर दुनिया की सोच एक जैसी हो रही है. लोग एआई से उभरने वाले खतरों, इसके लाभ और संभावनाओं से भलीभांति वाकिफ हैं. पूरी दुनिया यह भी चाहती है कि इस पर एक नियंत्रण अवश्य रहे. इस पर भी लगभग सभी एकमत हैं कि एआई को लेकर कैसे आगे बढ़ा जाए.

कृत्रिम मेधा की शक्ति का उपयोग

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव ने कहा कि भारत ने हमेशा जनता के लिए प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रीकरण का समर्थन किया है. वह टिकाऊ कृषि के लिए एआई के उपयोग के साथ-साथ कृत्रिम मेधा की शक्ति का उपयोग करने के लिए डीपीआई (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर) जैसी सहयोगी संरचना पर विचार करेगा.

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GPAI क्या है?

जीपीएआई एआई की बारीकियों पर केंद्रित एक बहुहितधारक पहल है. इसमें 28 सदस्य देश तथा यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं. जीपीएआई की स्थापना 2020 में की गई थी. भारत जीपीएआई का संस्थापक सदस्य देश है. भारत 12-14 दिसंबर, 2023 को नयी दिल्ली में वार्षिक जीपीएआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

दुनिया भारत की ओर देख रही है…

जीपीएआई समिट में एआई के जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल पर चर्चा की जाएगी. पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में हितधारक एआई के अवसरों और लाभ के दोहन पर विचार-मंथन करेंगे. वैष्णव ने पत्रकारों से कहा, दुनिया भारत की ओर देख रही है. आज हर प्रमुख देश प्रौद्योगिकी के सह-निर्माण और विकास के लिए भारत के साथ हाथ मिलाना चाहता है .

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