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West Bengal News: उत्तर 24 परगना में तृणमूल कार्यकर्ता को गोलियों से भूना

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
शहीद दिवस के एक दिन बाद टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
शहीद दिवस के एक दिन बाद टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
Prabhat Khabar

कोलकाता: उत्तर 24 परगना के निमता थानांतर्गत बिराटी में शहीद दिवस की रात एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गयी. मृतक की पहचान शुभ्रजीत दत्त (39) उर्फ पिकुन के रूप में हुई है. हत्या के पीछे स्थानीय कारोबारी बाबूलाल का नाम सामने आ रहा है, जो फिलहाल एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं.

बुधवार को दोपहर में ही उनसे शुभ्रजीत का विवाद हुआ था. पुलिस घटना की जांच कर रही है. पता चला है कि शुभ्रजीत बुधवार रात करीब 10:30 बजे बिराटी के बनिक मोड़ स्थित पार्टी ऑफिस से घर लौट रहा था. तभी दो बाइक पर सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और करीब आकर उस पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे. 4-5 गोलियां लगने के बाद शुभ्रजीत वहीं निढ़ाल होकर गिर पड़ा.

गोलियों की आवाज सुन कर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. लहूलुहान तृणमूल कार्यकर्ता को लोग नजदीकी अस्पताल ले गये, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही निमता थाने की पुलिस वहां पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया. इस बीच, स्थानीय तृणमूल नेता थाने पहुंचे और इस बाबत शिकायत दर्ज करायी.

उधर, शुभ्रजीत की मां रेखा दत्त का आरोप है कि कारोबारी बाबूलाल ने ही उनके बेटे की हत्या करायी है. उनके मुताबिक, बाबूलाल के पास व्यावसायिक कारणों से शुभ्रजीत के कुछ रुपये बकाया थे, जिन्हें देने में वह टालमटोल कर रहे थे. इसे लेकर उनसे बेटे का विवाद चल रहा था. इस बीच, उत्तर दमदम तृणमूल नेता विधान विश्वास का आरोप है कि यह हमला भाजपा ने करवाया है. हालांकि आरोप का भाजपा ने खंडन किया है.

टीएमसी कार्यकर्ताओं का एक दिन पहले हुआ था विवाद

सूत्रों की मानें, तो शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर तृणमूल कार्यकर्ताओं का बाबूलाल सिंह से झगड़ा हुआ था. बताया जाता है कि बाबूलाल व शुभ्रजीत में हाथापाई भी हुई थी. इसमें बाबूलाल के सिर में चोट आयी थी. दोनों में बकाया रुपये को लेकर विवाद था. बाबूलाल अभी बाइपास के पास एक अस्पताल में भर्ती हैं. करीब 15 वर्ष पहले रियल इस्टेट के धंधे में होने के चलते शुभ्रजीत व बाबूलाल करीबी दोस्त थे. यह दोस्ती व्यावसायिक लेने-देन के चलते धीरे-धीरे खत्म हो गयी.

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी

घटनास्थल पर पहुंचे बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल हत्याकांड में संदेह के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी है या व्यावसायिक अथवा, राजनीतिक विवाद - यह सब पुलिस देख रही है. इलाके में उत्तेजना के मद्देनजर पुलिस टुकड़ी बैठा दी गयी है.

Posted By: Mithilesh Jha

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