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कालिम्पोंग क्राफ्ट को पुनर्जीवित करने की विभागीय पहल शुरू

Updated at : 23 Feb 2020 2:04 AM (IST)
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कालिम्पोंग क्राफ्ट को पुनर्जीवित करने की विभागीय पहल शुरू

कालिम्पोंग : शताब्दी लम्बे इतिहास लिए ‘ कालिम्पोंग क्राफ्ट’ को पुनर्जीवित करने आधिकारिक रूप में विभागीय पहल शुरू हो चुकी है. माइक्रो मिडियम एण्ड इस्मल इन्टरप्राइज एण्ड टेक्सटायल डिपार्टमेन्ट द्वारा ‘ कालिम्पोंग क्राफ्ट’ को पुनर्जीवित करने पश्चिम बंगाल खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड को निर्देश मिलने के बाद कालिम्पोंग की सामाजिक संस्था मणि ट्रस्ट मार्फत […]

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कालिम्पोंग : शताब्दी लम्बे इतिहास लिए ‘ कालिम्पोंग क्राफ्ट’ को पुनर्जीवित करने आधिकारिक रूप में विभागीय पहल शुरू हो चुकी है. माइक्रो मिडियम एण्ड इस्मल इन्टरप्राइज एण्ड टेक्सटायल डिपार्टमेन्ट द्वारा ‘ कालिम्पोंग क्राफ्ट’ को पुनर्जीवित करने पश्चिम बंगाल खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड को निर्देश मिलने के बाद कालिम्पोंग की सामाजिक संस्था मणि ट्रस्ट मार्फत उक्त प्रक्रिया आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी क्रम में खादी बोर्ड के सीईओ मृतुञ्जय बनर्जी शनिवार को मणि ट्रस्ट कार्यालय में खादी बोर्ड, मणि ट्रस्ट एवं इण्डस्ट्रियल को -ओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के सदस्य के साथ बैठक की.

खादी बोर्ड के सीईओ मृतुञ्जय बनर्जी ने कहा कि कालिम्पोंग क्राफ्ट विश्वप्रसिद्ध क्राफ्ट है. जिसको युनेस्को द्वारा स्वीकृति दी जा चुकी है. इसी कारण कलिम्पोंग क्राफ्ट को पुनर्जीवित करने के लिए अनेक जगहों पर प्रशिक्षण दे चुके हैं. कानूनी असुविधा के कारण विभाग को जमीन हस्तान्तरण नहीं हुआ था, जिससे हम आगे नहीं बढ़ पा रहे थे.
उन्होंने कहा कि सोसाइटी को जमीन हस्तान्तरण होने के बाद उक्त जगह बहुतले भवन बनाने की योजना है. जिसमें कॉमन फेसिलिटी सेन्टर, मल्टिपल सोरूम, प्रोडक्सन सेन्टर, स्टोर रूम इत्यादि होंगे. इसके अलावा सोसाइटी के साथ जुड़े पुराने शिल्पी को लाकर उनसे ज्ञान लेने एवं काम करने नहीं सकने विशेष सहयोग के व्यवस्था होगी.
दूसरी ओर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुभाष मणि सिंह ने कहा कि कॉमन फेसिलिटी सेन्टर या प्रोडक्सन सेन्टर निर्माण करने पर जमीन खरीदकर बनाने प्रावधान खादी बोर्ड में नहीं है. खादी बोर्ड को खुद कोई जमीन हस्तान्तरण कर सकते हैं. इसके कारण ऐतिहासिक महत्त्व के कालिम्पोंग क्राफ्ट की पुराने जमीन पर ही कॉमन फेसिलिटी सेन्टर बने तो बेहतर होगा.
सभा में उपस्थित सोसाइटी के पुराने सदस्य ने विभागीय पहल में खुशी व्यक्त करते हुए कालिम्पोंग क्राफ्ट पुनर्जीवित करने सकने के खण्ड में कालिम्पोंग के गरीमा वापस लाने, पुराने हस्त शिल्पी को लाभ हो सकने एवं आज के पीढ़ी को युवापीढ़ी को प्रशिक्षण लेकर स्वनिर्भर बन सकेंगे.
ज्ञात रहे कि यहां के लोगों को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण देकर स्वनिर्भर बनाने उद्देश्य से 1897 में क्याथरिन ग्राहम्स द्वारा स्थापित किये गये कालिम्पोंग आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट भवन 1986 के आन्दोलन में जला कर नष्ट कर दिया गया. उसके बाद कलिम्पोंग आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट सोसाइटी लगभग मरणासन्न अवस्था में था, जिसको लगभग 3 दशक के बाद फिर से जीवित करने की पहल हो रही है.
सभा में खादी बोर्ड के सीईओ मृतुञ्जय बनर्जी, पीईओ विश्वजीत सरकार, दार्जिलिंग जिला अधिकारी पार्थ भट्टचार्य, जलपाईगुड़ी डीओ सत्यकाम गुरुंग, सोसाइटी के संयोजक मंगल राई, पद्मश्री सोनाम छिरिंग लेप्चा आदि उपस्थित थे. सभा के बाद खादी बोर्ड के सीईओ, ट्रस्ट के अध्यक्ष पुराने कालिम्पोंग क्राफ्ट की जमीन का भी निरीक्षण किया.
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