खास बातें
TMC Leak Documents: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद शुरू हुई ‘वर्चस्व की जंग’ नये मोड़ पर है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास (30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट) पर हुई 2 अत्यंत गोपनीय सांगठनिक बैठकों के कथित दस्तावेज शनिवार को सोशल मीडिया पर लीक हो गये.
दस्तावेज लीक होते ही विधानसभा में मान्यताप्राप्त लीडर ऑफ ऑपोजीशन रीतब्रत बनर्जी ने इनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किये. उन्होंने दस्तावेजों में जालसाजी का आरोप लगा दिया है. इसके साथ ही यह लड़ाई राजनीतिक बयानों से आगे निकलकर पन्नों के बदलते रंग, लिखावट विशेषज्ञों (Handwriting Experts) की जांच और विधायकों की मोबाइल टावर लोकेशन के चक्रव्यूह में फंस गयी है.
इसे भी पढ़ें : टूट गयी तृणमूल कांग्रेस, रीतब्रत 58 बागी विधायकों के समर्थन से बने विपक्ष के नेता, बोले- ममता मंजूर, अभिषेक नहीं
6 मई और 19 मई की बैठकों से जुड़े हैं दस्तावेज
सोशल मीडिया पर वायरल ये दस्तावेज तृणमूल विधायक दल का नेता तय करने के लिए बुलायी गयी 2 दो महत्वपूर्ण बैठकों से जुड़े बताये जा रहे हैं.
- 6 मई की बैठक का दावा : दस्तावेज के अनुसार, ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक में 67 विधायक शामिल हुए थे. इसमें उनके हस्ताक्षर, तारीख और निर्वाचन क्षेत्रों के नाम दर्ज हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक, कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जहां सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक का चयन किया गया.
- बड़े अक्षरों (Block Letters) का रहस्य : दस्तावेजों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां अधिकांश विधायकों ने बांग्ला या अंग्रेजी में सामान्य दस्तखत किये हैं, वहीं सुभाशीष दास, चंद्रनाथ सिन्हा, दिनेन रॉय और बहारुल इस्लाम जैसे प्रमुख नेताओं के नाम केवल बड़े अक्षरों में लिखे गये हैं, जिसने संदेह को जन्म दिया है.
- 19 मई की बैठक का ब्योरा : एक अन्य लीक दस्तावेज में दावा किया गया है कि 19 मई को हुई पार्टी की बैठक में कुल 59 तृणमूल विधायकों ने हस्ताक्षर किये थे.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पन्नों का रंग अलग, तीसरे पेज पर दस्तखत गायब : रीतब्रत
बागी गुट के मुखिया और नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने इन दस्तावेजों को पूरी तरह खारिज करते हुए 3 गंभीर तकनीकी विसंगतियां सामने रखी हैं.
- कथित दस्तावेजों के पहले 2 पन्नों से तीसरे पन्ने का रंग मेल क्यों नहीं खा रहा? तीसरे पन्ने पर किसी विधायक का हस्ताक्षर ही नहीं है.
- बागी खेमे ने पूछा है कि यह दस्तावेज केवल एक साधारण उपस्थिति पंजी (Attendance Register) है या विपक्ष के नेता के चुनाव से जुड़ा आधिकारिक नामांकन पत्र? अगर यह नामांकन पत्र था, तो क्या इसे ही विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था?
- रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि चूंकि मामला पहले से ही जांच के दायरे में है, इसलिए लिखावट विशेषज्ञ इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगे. उन तारीखों पर संबंधित विधायकों की मोबाइल टावर लोकेशन की भी जांच होगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.
इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’
TMC Leak Documents: बागी विधायक का दावा- धोखे से 2 जगह कराये हस्ताक्षर
एक बागी तृणमूल विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि 19 मई की बैठक के दौरान सभी विधायकों से बेहद चालाकी से 2 अलग-अलग जगह दस्तखत लिये गये थे. पहला हस्ताक्षर केवल बैठक में उपस्थिति दर्ज कराने के नाम पर लिया गया, जबकि दूसरे हस्ताक्षर का इस्तेमाल नेता प्रतिपक्ष के चुनाव से संबंधित आंतरिक प्रक्रिया के दस्तावेजों में कर लिया गया. इसलिए विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गये कागजात में जाली हस्ताक्षर के आरोप लगे हैं.
इसे भी पढ़ें
अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी
मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी
