खास बातें
Firhad Hakim Meets Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की करारी शिकस्त के बाद बिखर चुकी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया. कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद ममता बनर्जी के सबसे वफादार सिपहसालार रहे फिरहाद हकीम (Bobby Hakim) सोमवार को अचानक विधानसभा में बागी गुट के ‘बॉस’ रीतब्रत बनर्जी से मिलने पहुंचे. टीएमसी के कद्दावर बागी विधायक संदीपन साहा उन्हें रीतब्रत के कमरे में ले गये.
लॉबी से लेकर रीतब्रत के कक्ष तक का वो सफर
कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम हमेशा की तरह विधानसभा पहुंचे थे. सदन की लॉबी में अकेले उदास बैठे थे. उसी समय टीएमसी के 58 बागी विधायकों के गुट के सबसे आक्रामक और प्रमुख चेहरों में एक संदीपन साहा वहां पहुंचे. उन्होंने लॉबी में फिरहाद हकीम से कुछ मिनट गुफ्तगू की. इसके तुरंत बाद, दोनों नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत के चैंबर में चले गये. तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई.
ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा सेटबैक
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह मुलाकात महज कोई शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गहरे सियासी मायने छिपे हैं. कुछ सप्ताह पहले तक बंगाल की राजनीति में ऐसी किसी मुलाकात की दूर-दूर तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. तब तक विधायक दल और कोलकाता नगर निगम पर ममता और अभिषेक बनर्जी का एकछत्र राज था. फिरहाद हकीम उस साम्राज्य के सबसे मजबूत स्तंभ थे.
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Firhad Hakim Meets Ritabrata Banerjee: फिरहाद हकीम भी बदल रहे पाला?
शुक्रवार को ही फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें बेहद तेज थीं. बागी धड़े के नेता प्रतिपक्ष के कमरे में उनकी इस मौजूदगी ने साफ कर दिया कि वे अब ममता बनर्जी के आधिकारिक धड़े (शोभनदेव चट्टोपाध्याय गुट) के साथ खड़े रहने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं.
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18 जून के सत्र से पहले बिखर गया ममता का पूरा कुनबा
यह मुलाकात इसलिए भी अहम है, क्योंकि सोमवार को ही ममता बनर्जी ने रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. 11 जून को याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले फिरहाद हकीम का बागी खेमे के कक्ष में जाना बताता है कि 18 जून से शुरू हो रहे 18वीं विधानसभा के पहले सत्र से पहले ही टीएमसी पूरी तरह से बिखर चुकी है.
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