बंगाल की 7 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद हाई अलर्ट, कामकाज ठप

पश्चिम बंगाल की 7 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट हैं. धमकी मिलने के बाद कोर्ट में कामकाज बंद कर दिये गये. पुलिस ने कोर्ट को चारों ओर से घेरकर उसे खाली करा लिया. बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड की मदद से जांच की गयी.

पश्चिम बंगाल में मंगलवार को राज्य की 7 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी दी गयी. धमकी मिलने के बाद संबंधित कोर्ट में बड़े पैमाने पर निकासी और तलाशी अभियान चलाना पड़ा. इसकी वजह से न्यायिक कामकाज बाधित हुआ. धमकी मिलने के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया.

इन 7 अदालतों को दी गयी थी धमकी

  • अलीपुर कोर्ट
  • बैंकशाल कोर्ट
  • आसनसोल
  • दुर्गापुर
  • बहरमपुर
  • सिउड़ी
  • रामपुरहाट

कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में भी विस्फोट की दी थी धमकी

अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता के सत्र कोर्ट, बैंकशाल स्थित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट और पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल तथा दुर्गापुर में उप-संभागीय अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मंगलवार सुबह ई-मेल पर मिली.

कोर्ट परिसरों में नहीं मिला कोई विस्फोटक

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान अदालत परिसरों में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता की सत्र अदालत और बैंकशाल कोर्ट के परिसरों को खाली करा लिया गया.

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बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों ने की जांच

कोर्ट परिसर को खाली कराने के बाद कोलकाता पुलिस के बम निरोधक दस्ते के कर्मचारियों ने खोजी कुत्तों के साथ वहां गहन जांच की. उन्होंने बताया कि राज्य की अन्य अदालतों के परिसरों में भी इसी तरह के कदम उठाये गये.

आसनसोल डिस्ट्रिक्ट जज को 11:30 बजे मिला ई-मेल

आसनसोल के डिस्ट्रिक्ट जज देव प्रसाद नाथ ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें एक ई-मेल मिला. इसमें लिखा था कि दोपहर 1 बजे कोर्ट में विस्फोट होगा. ई-मेल मिलते ही उन्होंने तत्काल सभी न्यायिक कार्यों को बंद करके कोर्ट परिसर को खाली कराने का आदेश दिया. आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट को इसकी जानकारी दी गयी.

पुलिस बल ने कोर्ट को घेरकर की जांच

सूचना मिलते ही डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया. आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर कोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली गयी. कहीं कुछ नहीं मिला. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट हैं.

धमकी के एसआईआर कनेक्शन की जांच पुलिस करेगी – सीईओ

यह पूछे जाने पर कि क्या अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी का न्यायिक अधिकारियों द्वारा किये जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी कामकाज से कोई लेना-देना है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने कहा कि जांच करना और दोषियों का पता लगाना राज्य पुलिस का काम है.

मुख्य सचिव बोलीं- धमकी देने वाले का पता लगा रही पुलिस

पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने राज्य सचिवालय परिसर में संवाददाताओं से कहा कि धमकी भरे ई-मेल कहां से भेजे गये, इसकी जांच की जा रही है. यह किसी एक व्यक्ति की करतूत है या किसी समूह ने यह धमकी दी है, इसका पता लगाया जा रहा है.

एसआईआर प्रक्रिया में शामिल लोगों को देंगे सुरक्षा – डीजीपी

इस दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार भी उनके साथ थे. चक्रवर्ती ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार न्यायिक अधिकारियों और एसआईआर प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों को सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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