गृह मंत्री नहीं, चैतन्य महाप्रभु का भक्त बनकर आया हूं, अमित शाह के बंगाल दौरे से चढ़ा सियासी पारा

Amit Shah in ISKCON Mayapur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया. भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि वह गृह मंत्री नहीं, बल्कि चैतन्य महाप्रभु के भक्त के रूप में आये हैं. यह उनका एक महीने में दूसरा बंगाल दौरा है.

Amit Shah in ISKCON Mayapur: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया. एक महीने में यह उनका दूसरा बंगाल दौरा है. हालांकि, इस यात्रा को आधिकारिक तौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम बताया गया है. यात्रा के दौरान कोई राजनीतिक सभा नहीं हुई. बावजूद इसके बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है.

कोलकाता से मायापुर तक का कार्यक्रम

अमित शाह विशेष विमान से कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे. यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से कृष्णानगर के लिए रवाना हो गये. फिर कृष्णानगर से मायापुर स्थित अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) मुख्यालय पहुंचे.

शुभेंदु अधिकारी ने X पर किया ये पोस्ट

शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि वह अमित शाह के साथ हेलीकॉप्टर से कृष्णानगर गये. मायापुर में निर्धारित कार्यक्रमों में वह शामिल हुए. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘भ्रष्ट और राष्ट्र विरोधी’ तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाकर राष्ट्रवादी सरकार बनाने के प्रयास में ऐसे नेतृत्व का होना प्रेरणादायक है.

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गृह मंत्री नहीं, भक्त के रूप में आया हूं – शाह

मायापुर में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने स्पष्ट किया कि वह गृह मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि चैतन्य महाप्रभु के भक्त के रूप में यहां पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी लंबे समय से मायापुर आने की इच्छा थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया था.

भाइयो और बहनो, आपने मुझे भारत का गृह मंत्री कहा, लेकिन मैं उस हैसियत से यहां नहीं आया हूं. मैं चैतन्य महाप्रभु का एक समर्पित अनुयायी बनकर आया हूं.

अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

इस्कॉन की भूमिका पर अमित शाह का बयान

अमित शाह ने भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भक्तिसिद्धांत का सबसे बड़ा योगदान भक्तिवेदांत प्रभुपाद जैसे शिष्य तैयार करना था. आज विश्वभर में फैला इस्कॉन आंदोलन इन महान संतों के जीवनकार्यों का परिणाम है.

उन्होंने कहा कि इस्कॉन केवल सनातन धर्म का प्रचार नहीं कर रहा, बल्कि आपदाओं के दौरान राहत कार्य, भोजन वितरण, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के माध्यम से मानवता की सेवा में अहम भूमिका निभा रहा है. अमित शाह ने कहा कि संगठन द्वारा प्रकाशित भगवद गीता सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए सुलभ है. युवाओं को भारतीय त्योहारों के जरिये जोड़ा जा रहा है.

Amit Shah in ISKCON Mayapur: राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में

इस यात्रा में हालांकि कोई औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, लेकिन शुभेंदु अधिकारी के बयान से यह संकेत मिला कि बंगाल की राजनीति में इस दौरे को व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है. विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह का यह दूसरा दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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By Mithilesh Jha

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