साइबर सिक्योर कॉन्क्लेव में बोले हिडको के चेयरमैन देवाशीष सेन
साइबर खतरों को कम करने के लिए एहतियात बरतना जरूरी
आइसीसी की ओर से आयोजित हुआ साइबर सिक्योर कॉन्क्लेव
कोलकाता : राज्य सरकार स्कूल स्तर पर साइबर सुरक्षा को लेकर पाठ्यक्रम लाने का विचार कर रही है. इसके लिए सरकार संस्थानों के साथ भी जुड़ कर काम कर रही है, ताकि शोध में लगे विद्वानों की मदद ली जा सके. ये बातें हिडको के चेयरमैन व पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवाशीष सेन ने कहीं.
गुरुवार को इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आइसीसी) की ओर से साइबर सिक्योर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. मौके पर हिडको के चेयरमैन देवाशीष सेन ने कहा कि साइबर खतरों को रोकने के लिए सरल एहतियात बरतने, साधारण जांच और संतुलन बनाये रखने की सरकार की रणनीति है. इससे आसानी से साइबर खतरे को कम किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि सरल एहतियात और सरल जांच और संतुलन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके जरिए साइबर सुरक्षा हमले को कम करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि आवश्यकता न होने पर सैंडबॉक्स वातावरण या इंटरनेट से आइसोलेटेड सिस्टम का उपयोग करने से सिस्टम की भेद्यता को कम करने में मदद मिलेगी.
मौके पर सीआइएससीओ सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सिक्योरिटी सेल्स लीड विकास अवस्थी ने बताया कि साइबर सुरक्षा का सीधा संबंध देश की आर्थिक समृद्धि से है. भारत तीव्र गति से डिजिटल हो रहा है और इसलिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को डिजिटल रूप से अधिक परिपक्व देशों से सीख लेने की जरूरत है.
मौके पर राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के महानिदेशक डॉ. एस. अमर प्रसाद रेड्डी ने कहा कि भारत को साइबर सुरक्षा के मामलों में नयापन, सामर्थ्य और अभिगम्यता तीन चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है. भारत को साइबर सुरक्षा के लिए अपने कौशल सेट तैयार करने की आवश्यकता है और इसे अन्य देशों के नवीनीकरण पर निर्भर नहीं होना चाहिए.
आईसीसी के एग्जिक्यूटिव कमेटी के सदस्य व इनक्यूब इनोवेन्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के सह संस्थापक व निदेशक कल्याण कर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज की दुनिया में डेटा बहुत महत्वपूर्ण हो गया है. डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इंडिया जैसी सरकारी पहल साइबर सुरक्षा उद्योग को संपन्न करने में मदद करेगी.
