बंगाल : आसनसोल दौरे के दौरान बोले शाहनवाज, ममता ने दिया दर्द, हम दवा देने आये हैं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर यहां लोगों को ढांढ़स देने आये हैं. उन्होंने रविवार को महानगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ममता दीदी ने लोगों को दर्द दिया है. हमलोग दवा देने आये हैं.
क्योंकि तृणमूल कांग्रेस की पहल पर पुलिस के संरक्षण में हुआ यह दंगा, सांप्रदायिक दंगा नहीं, बल्कि सरकार प्रायोजित दंगा है. क्योंकि मफिया को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों को निशाना बनाया गया है. ममता सरकार ने गरीबों पर अत्याचार होने दिया और पुलिस तमाशा देखती रही.
उन्होंने कहा कि जब बंगाल जल रहा था, उस वक्त ममता बनर्जी दिल्ली में दावत कर रही थीं. जनता ने उन्हें सेवा करने का मौका दिया था. फिलहाल वह लोगों की सेवा करें, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी लोगों की सेवा करना जानती है. वह सबका साथ सबका विकास चाहती है.
इसलिए वह उन्हें सलाह दे रहे हैं कि बंगाल के लोगों की जान माल की सुरक्षा का ख्याल रखें. शाहनवाज ने बिहार का हवाला देते हुए कहा कि भागलपुर में तनाव होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आयी और मौके पर पुलिस के डीजी स्तर के अधिकारी वहां पर पहुंचे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 24 घंटे पूरे मामले की निगरानी करते रहे. लिहाजा भागलपुर में एक मोटरसाइकिल जलने के अलावा कोई बड़ी वारदात नहीं हुई. लेकिन बंगाल में पुलिस तमाशा देखती रही और आसनसोल जलता रहा. अभी भी सुलग ही रहा है.
जब उनसे पूछा गया कि तृणमूल कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा रामनवमी के मौके पर लोगों को उकसा कर यहां का माहौल खराब करने में लगी हुई है, तो उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही रामनवमी की परंपरा को मनाने के लिए लोग क्या पाकिस्तान जायेंगे. वहां भी तो लोगों ने रामनवमी मनायी, लेकिन वहां दंगा नहीं हुआ. क्या वजह है कि केवल बंगाल में ही दंगा हुआ है.
इसकी वजह बताते हुए वह कहते हैं कि ममता सरकार चाहती है कि किसी तरह लोगों के बीच बंटवारा करके वह यहां राज करें. लेकिन हकिकत यह है कि उनकी यह साजिश लोग समझ गये हैं. अगर राज्य सरकार की मंशा साफ रहती, तो वह शुरुआत में ही सख्ती दिखाती, तो यह नौबत ही नहीं आती. बहरहाल वे अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को देंगे और उनके अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन इतना तय है कि भाजपा बंगाल के लोगों के साथ हर हाल में है. ममता सरकार की ज्यादती का जबाव लोग हर हाल में देंगे. इसका प्रमाण पंचायत चुनाव में ही देखने को मिलेगा.
गॉटअप गेम है या नहीं, राज्य सरकार दे जवाब : माथुर
कोलकाता : भाजपा प्रतिनिधि दल के आसनसोल दौरे को लेकर बंगाल में राजनीतिक पारा काफी चढ़ा हुआ है. सुबह जब टीम आसनसोल के लिए रवाना हुई, तो कयास लग रहे थे कि उन्हें जाने नहीं दिया जायेगा. लेकिन तमाम कयासों को झुठलाते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा.
इस बाबत जब भाजपा प्रतिनिधिमंडल के नेता ओम प्रकाश माथुर से पूछा गया कि विरोधियों को रोकनेवाली सरकार भाजपा को मौके पर जाने देती है, तो क्या यह गाॅटअप गेम है?
जवाब में श्री माथुर ने कहा कि इस सवाल का जवाब राज्य सरकार को देना होगा कि वह विरोधियों को क्यों रोकी. रहा सवाल भाजपा का, तो हमें पार्टी अध्यक्ष के निर्देश पर वहां जाने को कहा गया था. लिहाजा हमारा लक्ष्य ही था हर हाल में वहां जाना और हम गये भी. यह गाॅटअप है या नहीं, इसका जवाब राज्य सरकार को देना होगा. हमें नहीं.
बंगाल अपने खुफिया तंत्र में करेगा सुधार
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अिधकारी ने दी जानकारी
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए अपने खुफिया तंत्र में सुधार कर रही है. गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.
अधिकारी ने बताया कि हाल ही में हुई आसनसोल-रानीगंज हिंसा के बाद राज्य सरकार जमीनी स्तर पर अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करने की योजना बना रही है. मौजूदा व्यवस्था में अपर्याप्त आधारभूत ढांचे की वजह से इस सुधार की आवश्यकता पड़ी है. अधिकारी ने बताया : हम स्थानीय खुफिया तंत्र मजबूत कर रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
साल 2014 में खगरागढ़ में हुए विस्फोट के बाद स्थानीय खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत पहली बार महसूस की गयी थी. इस विस्फोट में बांग्लादेशी आतंकवादी समूह जमात-उल- मुजाहिद्दीन बांग्लादेश का हाथ था. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने स्थानीय खुफिया इकाई (एलआइयू) सभी जिलों में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था.
इस यूनिट का काम जमीनी स्तर पर जानकारियां जुटाना था, जिससे आतंकवादियों के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलती और राज्य में विनाशक गतिविधियों पर रोक लगती, लेकिन एलआइयू इकाई में अधिकारियों की तैनाती के अलावा इस विशेष खुफिया सेल के पास ज्यादातर जिलों में कार्यालय परिसर और अन्य ढांचों की कमी ही रही.
राज्य गृह विभाग के अधिकारी के अनुसार साल 2016 के बाद बंगाल में हुए दंगों के बारे में विशेष इनपुट था कि इन दंगों का षडयंत्र पहले रचा गया था. ये दंगे छिटपुट नहीं थे जैसा कि मीडिया और राजनीतिक पार्टियों का एक वर्ग बता रहा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.
अधीर ने तृणमूल पर निशाना साधा
कोलकाता. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रशासन ने आसनसोल में कांग्रेस को प्रवेश करने से रोक दिया, जबकि भाजपा नेताओं को बिना बाधा के जाने दिया गया.
मुख्यमंत्री इसकी व्याख्या कैसे करेंगी. श्री चौधरी ने कहा कि तृणमूल व भाजपा में एक खेल चल रहा है. बंगाल के हालात के लिए तृणमूल व भाजपा का ज्वाइंट वेंचर जिम्मेदार है. श्री चौधरी ने यह भी कहा कि आसनसोल के हालात के पीछे तृणमूल की गुटबाजी है.
बालू, लोहा और कोयले का दखल किसके हाथ में रहेगा, यह लड़ाई उसी की है. साथ ही भाजपा को रामनवमी में हराना भी मकसद था. इधर, अपना बेटा खोनेवाले इमाम की शांति की अपील से यह साफ हो जाता है कि गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं.
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